लालगंज: अगस्त क्रांति के सहित सिंघेश्वर ठाकुर के परिवार मजदूरी कर कर रहे जीवन यापन अस्त-व्यस्त हुआ जीवन नहीं मिल रहा सरकार से मद
अगस्त क्रांति के दौरान 11 अगस्त 1942 को लालगंज में अंग्रेजी हुकूमत की गोलीबारी में सिंघेश्वर ठाकुर और विभीषण राम शहीद हो गए थे। महज 26 वर्ष की उम्र में शहीद हुए सिंघेश्वर ठाकुर की पत्नी को आजादी के 25वें वर्ष पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया था। परिवार के अनुसार, वर्ष 1972 में उनकी पत्नी के निधन के बाद पेंशन भी बंद हो गई