*सोता नाला बना काल: भैंस चराने गए वृद्ध की डूबकर मौत*
*रातभर तलाश में भटकते रहे परिजन, सुबह पानी में उतराता मिला शव; इकलौते पुत्र वीरेंद्र पर टूटा दुखों का पहाड़*
अमृतपुर
थाना क्षेत्र के ग्राम परतापुर कला में मंगलवार सुबह उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब भैंस चराने गए एक वृद्ध का शव सोता नाला में उतराता हुआ मिला। वृद्ध सोमवार सुबह घर से अपने पशुओं को चराने के लिए निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पूरी रात उनकी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। सुबह शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।जानकारी के अनुसार ग्राम परतापुर कला निवासी शिशुपाल पुत्र भूमिराज (70 वर्ष) प्रतिदिन की तरह अपनी भैंसों को लेकर खेतों की ओर गए थे। ग्रामीणों के अनुसार खेतों के पास स्थित सोता नाला पार करते समय वह किसी तरह गहरे पानी में चले गए और बाहर नहीं निकल सके। देर शाम तक घर वापस न पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजन और ग्रामीण टॉर्च लेकर रातभर खेतों, मेड़ों और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश करते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।मंगलवार सुबह परिजनों ने थाना अमृतपुर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और खोजबीन शुरू कराई गई। कुछ देर बाद शिशुपाल का शव सोता नाला के पानी में उतराता हुआ दिखाई दिया। शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। सूचना पर थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह एवं उपनिरीक्षक राघवेंद्र भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की तथा पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतक शिशुपाल अपने पीछे इकलौते पुत्र वीरेंद्र और परिवार के अन्य सदस्यों को छोड़ गए हैं। पिता की मौत की खबर सुनते ही वीरेंद्र बदहवास हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने बताया कि शिशुपाल मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे तथा रोजाना स्वयं ही अपने पशुओं को चराने के लिए खेतों पर जाते थे। उनकी अचानक हुई मौत से पूरे गांव में गहरा दुख व्याप्त है और हर आंख नम दिखाई दी।