अजात आश्रम के विकास के लिए 46 लाख 67 हज़ार रुपये स्वीकृत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और सरकार के प्रोत्साहन से धार्मिक यात्राओं के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा*
व्यासपुर/यमुनानगर। (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो:
देश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन का विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की नीतियों और उनकी सरकार के प्रोत्साहन से धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि हो रही है। आप किसी भी धार्मिक स्थल पर चले जाएं, मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। यह सनातन धर्म के लिए अत्यंत सुखद, सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है। यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के विशेष अधिकारी (शिकायत निवारण) श्री भोपाल सिंह खदरी ने व्यासपुर स्थित अजात आश्रम में आयोजित एक धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए कही।
खदरी ने कहा कि सरस्वती नदी के पावन तट पर स्थित अजात आश्रम एक अत्यंत पवित्र एवं आध्यात्मिक महत्व वाला स्थान है। परम संत श्री वित्तरागानंद जी महाराज ने अपने जीवन के अनेक दिन इस पावन भूमि पर व्यतीत किए। सामान्यतः मौन व्रत धारण करने वाले महाराज जी गोरक्षा के प्रति भी समर्पित थे और उन्होंने गोरक्षा आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उनकी तपस्या, साधना और सेवा से जुड़ी यह भूमि श्रद्धालुओं के लिए पूजनीय है। इस स्थान पर आने से मन को विशेष शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।
इस अवसर पर परम संत श्री वित्तरागानंद जी महाराज की स्मृति में प्रकाशित पुस्तक का भी अवलोकन किया गया।
**जनसमस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता**
खदरी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जनसामान्य की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं और उनके निराकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद से सरकार ने उन्हें जनसमस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी है, जो उनके लिए गर्व और सेवा का अवसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से वे इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करेंगे।
खदरी ने बताया कि वे कुछ समय पूर्व भी अजात आश्रम आए थे। उस दौरान आश्रम की प्रबंधक कमेटी और महंत जी ने मुख्य सड़क से आश्रम तक आने वाले मार्ग पर बड़ी एवं मजबूत पुलियों के निर्माण की मांग रखी थी। उन्होंने कहा कि यह समस्या वास्तव में गंभीर थी, क्योंकि श्रद्धालुओं और आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था और इसे पूरा करवाने का संकल्प लिया था।
*अजात आश्रम तक सड़क पर पुलियों के निर्माण के लिए 46 लाख 67 हज़ार रुपये मंजूर*
खदरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हरियाणा सरकार ने इस कार्य के लिए **46 लाख 67 हजार रुपये की राशि स्वीकृत** कर दी है और इस कार्य के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और आमजन को जल्द राहत मिल सके। उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता देने और इसके क्रियान्वयन में तत्परता दिखाने के लिए लोक निर्माण विभाग तथा सरस्वती हेरिटेज विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
खदरी ने कहा कि संत-महात्माओं का आशीर्वाद, समाज का सहयोग और जनसेवा का संकल्प उन्हें निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आश्रम के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति, संत-महात्मा तथा अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।