*'बंटोगे तो कटोगे कोई नारा नहीं, सनातन की रक्षा ही मूल मंत्र' - _आचार्य शांतनु जी महाराज_ का उद्घोष, खरखौदा में उमड़ा जनसैलाब*
*खरखौदा, मेरठ।* लल्लू सिंह त्यागी फार्म हाउस में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन *कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज* ने सनातन धर्म की रक्षा का मूलमंत्र देते हुए कहा कि "बंटोगे तो कटोगे" यह कोई नारा नहीं, बल्कि सनातन को बचाने का सूत्र है।
*आचार्य शांतनु जी महाराज* ने हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कारण ही विश्व में सनातन धर्म की पताका लहरा रही है। उन्होंने चेताया कि कुछ लोग आपको गुमराह कर सनातन धर्म को तोड़ने का प्रयास करेंगे, उनसे सावधान रहना है। *शांतनु जी महाराज* ने कहा कि भगवान को न मानने वाले भी सनातन की रक्षा करते हैं, क्योंकि सनातन केवल पूजा पद्धति नहीं, जीवन पद्धति है। आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान राम और लक्ष्मण के वनवास का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जम्बूद्वीप विविध प्रकार के ताड़, खजूर वृक्षों से सुसज्जित था और भगवान के विवाह से पूर्व सीता जी ने गौरी पूजन किया था। *शांतनु जी महाराज* ने राम-लक्ष्मण संवाद को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
*आचार्य शांतनु जी महाराज* की ओजस्वी वाणी और शास्त्रों के गहन ज्ञान से पंडाल में बैठा हर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठा। उनकी कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का यज्ञ है। *शांतनु जी महाराज* युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहते हैं कि धर्म की रक्षा के लिए एकजुट रहना समय की मांग है। मोबाइल की दुनिया से निकलकर जब युवा रामकथा सुनते हैं तो सनातन की जड़ें और मजबूत होती हैं। कथा में भारी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति यह दर्शाती है कि महिलाएं ही संस्कृति की वास्तविक वाहक हैं। *आचार्य शांतनु जी महाराज* जैसे संत ही आज समाज को सही दिशा दे रहे हैं। उनकी वाणी में वह शक्ति है जो बिखरे हुए समाज को एक सूत्र में पिरो सकती है।
Aacharya Shantanu Ji Maharaj
*संवाददाता हरि ओम प्रकाश*
*राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत*
Basti, Basti | Jun 20, 2026