देव टिब्बा अभियान के दौरान NCC और वायुसेना ने बचाई ब्रिटिश सिनेमैटोग्राफर की जान
कुल्लू, जून 2026। राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के ऑल इंडिया माउंट देव टिब्बा अभियान 2026 के दौरान साहस, नेतृत्व और उत्कृष्ट समन्वय का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला, जब NCC अभियान दल और भारतीय वायुसेना (IAF) ने मिलकर एक गंभीर रूप से घायल ब्रिटिश नागरिक का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई।
ब्रिटेन के प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर एवं फिल्म निर्देशक जॉर्ज रिचमंड कुल्लू जिले के टेंटा बेस कैंप के समीप पैराग्लाइडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हादसे में उनके सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं। उस समय वे एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दल के साथ क्षेत्र में मौजूद थे।
दूसरी ओर, NCC का ऑल इंडिया माउंट देव टिब्बा अभियान 2026 दल कठिन पर्वतीय मार्गों को पार कर एडवांस बेस कैंप पहुंचा ही था। पूरे दिन की कठिन चढ़ाई के बाद दल विश्राम की तैयारी कर रहा था कि तभी वायरलेस सेट के माध्यम से एक विदेशी पैराग्लाइडर के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अभियान नेता विंग कमांडर कुनाल शर्मा के नेतृत्व में कैडेट जितेंद्र, कैडेट विभोर, मेडिकल अटेंडेंट चमन तथा एबीवीआईएमएएस के प्रशिक्षक देशराज और गिमनार तुरंत राहत एवं बचाव कार्य के लिए रवाना हो गए। टीम अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर, चिकित्सा सामग्री और संचार उपकरण लेकर दुर्घटनास्थल तक पहुंची।
कठिन मौसम, ग्लेशियरों, खड़ी ढलानों और जोखिम भरे रास्तों के बावजूद टीम ने घायल तक पहुंचकर उसे प्राथमिक उपचार दिया और उसकी स्थिति को स्थिर किया। इस दौरान एडवांस बेस कैंप में मौजूद चिकित्सा अधिकारी कैप्टन गीतांजलि और कैप्टन सोनाली से लगातार संपर्क बनाए रखा गया।
घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था के प्रयास शुरू किए गए। खराब मौसम, धुंध और सीमित दृश्यता के कारण निजी हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने उड़ान भरने में असमर्थता जताई। ऐसे में NCC टीम ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के माध्यम से भारतीय वायुसेना से सहायता का अनुरोध किया।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारतीय वायुसेना ने मिशन स्वीकार किया। NCC दल द्वारा पहले से किए गए हवाई सर्वेक्षण और क्षेत्र की जानकारी ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विंग कमांडर कुनाल शर्मा ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से एयर फोर्स स्टेशन सरसावा से लगातार संपर्क बनाए रखा, जबकि जमीन पर NCC टीम ने सुरक्षित लैंडिंग ज़ोन तैयार कर हेलीकॉप्टर को मार्गदर्शन प्रदान किया।
समय, मौसम और दुर्गम भूभाग से जूझते हुए वायुसेना का हेलीकॉप्टर सफलतापूर्वक घायल ब्रिटिश नागरिक को निकालकर कुल्लू पहुंचाने में सफल रहा, जहां उसे तुरंत उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
यह अभियान NCC और भारतीय वायुसेना के साहस, अनुशासन, प्रशिक्षण, नेतृत्व और उत्कृष्ट समन्वय का शानदार उदाहरण बनकर उभरा है। जो अभियान पर्वतारोहण के उद्देश्य से शुरू हुआ था, वह एक मानवता की सेवा के मिशन में बदल गया और एक अनमोल जीवन बचाने में सफल रहा।
यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन NCC के आदर्श वाक्य "एकता और अनुशासन" तथा भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता का जीवंत प्रमाण है।
Kullu, Kullu | Jun 22, 2026