मध्यप्रदेश का 71वाँ स्थापना दिवस जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
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मध्यप्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है – प्रभारी मंत्री श्री टेटवाल
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स्थापना दिवस पर किसानों को मिले आकर्षक पुरस्कार, प्रथम विजेता को ट्रैक्टर, द्वितीय को बुलेट और तृतीय को ई-स्कूटी
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प्रभारी मंत्री श्री टेटवाल ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉल से खरीदा गिफ्ट हैंपर
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स्थापना दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम कालिदास अकादमी में आयोजित हुआ
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उज्जैन, 01 नवंबर। मध्यप्रदेश का 71वाँ स्थापना दिवस जिले में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। स्थापना दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम कालिदास अकादमी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने भारत माता एवं मध्यप्रदेश की जय के उद्घोष के साथ प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री श्री टेटवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात कला पथक दल द्वारा वंदे मातरम् एवं मध्यप्रदेश गान की प्रस्तुति दी गई।
प्रभारी मंत्री श्री टेटवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज हम सभी मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर एकत्रित हुए हैं। 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश एक नए स्वरूप में अस्तित्व में आया था। मध्यप्रदेश को भारत का हृदय और आत्मा कहा जाता है। यदि भारत एक शरीर है, तो मध्यप्रदेश उसका हृदय है। इस हृदय में हम सभी निवास करते हैं और हमें गर्व है कि हम इस गौरवशाली प्रदेश के निवासी हैं। मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा, आध्यात्मिकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। आध्यात्मिक क्षेत्र एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प में उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता से हम सभी परिचित हैं।
प्रभारी मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन हजारों वर्षों से भारतीय संस्कृति, ज्ञान, साधना और आध्यात्मिक परंपरा का केंद्र रही है। यह वही पवित्र भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने अपने गुरु महर्षि सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम उस नगरी में निवास करते हैं, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा और ज्ञान की परंपरा आज भी जीवंत है।
उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ महापर्व केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश और देश के लिए गौरव का अवसर है। यह महापर्व हमारी आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का विराट उत्सव है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ की दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तैयारियों के लिए व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने सिंहस्थ महापर्व की व्यापक तैयारियों, धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार, इंदौर-उज्जैन मार्ग के चौड़ीकरण तथा क्षिप्रा नदी के घाटों के विस्तार का उल्लेख किया। साथ ही जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई परियोजनाओं, महिला सशक्तीकरण और स्मार्ट सिटी त्रिनेत्र एआई जैसी तकनीकी पहलों की उपलब्धियों की जानकारी दी।
राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज ने कहा कि यह हम सभी के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि आज मध्यप्रदेश का 71वाँ स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। हमारे प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, जो हमारी धार्मिक और आध्यात्मिक समृद्धि के प्रतीक हैं। प्रदेश में प्रवाहित क्षिप्रा एवं नर्मदा नदियाँ मोक्षदायिनी हैं। उन्होंने माही नदी की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को जानने और समझने के लिए सभी नागरिकों को अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए।
विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है तथा शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन लाने के लिए अनेक विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन में धन्वंतरि हेल्थ यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि आईटी के क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में आईटी हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
विधायक श्री सतीश मालवीय ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का इतिहास गौरवशाली रहा है। यह प्रदेश धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र है। इस धरती पर राम पथगमन और कृष्ण पथगमन जैसे अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल हैं। मध्यप्रदेश की धरती धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ देश की वीरता और बलिदान की भी प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आजाद का जन्म भी इसी पावन भूमि पर हुआ था।
महापौर श्री मुकेश टटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश के निर्माण एवं विकास में जिन महान विभूतियों ने अपना अमूल्य योगदान दिया है, उन्हें आज के दिन स्मरण करना चाहिए। मध्यप्रदेश आज धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में विश्वभर में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा के साथ करने का संकल्प लेने का आह्वान किया, जिससे प्रदेश के विकास को और गति मिल सके।
नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। यह हम सभी के लिए गौरव का विषय है कि वर्ष 2028 में उज्जैन में भव्य, दिव्य एवं गौरवशाली सिंहस्थ महापर्व का आयोजन होने जा रहा है। सिंहस्थ को पूरी गरिमा और दिव्यता के साथ संपन्न कराने के लिए तैयारियाँ व्यापक स्तर पर की जा रही हैं।
कार्यक्रम में किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित कृषि क्विज प्रतियोगिता के विजेता किसान भाइयों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को क्रमशः ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल एवं ई-स्कूटी प्रदान की गई।
प्रथम पुरस्कार के रूप में श्री रोहित पिता श्री रमेशचंद को ट्रैक्टर प्रदान किया गया। द्वितीय पुरस्कार के रूप में श्री संजय पिता श्री बनेसिंह को बुलेट मोटरसाइकिल तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में श्री शंकरलाल पिता श्री बगदीराम को ई-स्कूटी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एक साथ किसानों को उनके दैनिक जीवन एवं कृषि कार्यों में उपयोगी आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। यह पहल किसानों के सम्मान, प्रोत्साहन और कृषि क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को महत्व देने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास है।
कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 49 स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण के रूप में कुल 1 करोड़ 75 लाख 15 हजार रुपये की राशि के चेक वितरित किए गए। इस पहल से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
*प्रभारी मंत्री श्री टेटवाल ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉल से खरीदा गिफ्ट हैंपर*
स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया तथा उनके द्वारा निर्मित उत्पादों से तैयार गिफ्ट हैंपर भी खरीदा। इस गिफ्ट हैंपर में महिलाओं द्वारा तैयार की गई दाल, मसाले, बेसन, आटा सहित अन्य खाद्य सामग्री शामिल है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार में उचित स्थान एवं पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ। उत्पादों की बिक्री बढ़ाने तथा अधिक से अधिक लोगों तक इनकी पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन सभी उत्पादों को शामिल कर आकर्षक गिफ्ट हैंपर तैयार किए जाएँगे। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी इन गिफ्ट हैंपर को क्रय किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही इन उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्री खरीदने के लिए प्रेरित हों। इस पहल से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, बिक्री बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में कालिदास अकादमी स्थित सभागृह के मंच पर मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए कलाकारों द्वारा संगीत एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देने वाले दलों को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री प्रेम नारायण नागर और श्री अनिल व्यास को पुष्पमाला पहनाकर एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
स्थापना दिवस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा अपने उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें जिला उद्योग केंद्र, स्मार्ट सिटी, खादी एवं ग्रामोद्योग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शहरी एवं ग्रामीण आजीविका मिशन तथा जनसंपर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। साथ ही जिले के स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं उपलब्धियों की सराहना की।
कार्यक्रम में सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, यूडीए अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, श्री संजय अग्रवाल, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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