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जनता की समस्याओं का समाधान ही सुशासन की पहचान- प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम छोटे मुड़पार में आयोजित शिविर में प्रभारी मंत्री ने सुनीं लोगों की समस्याएं विभागीय स्टॉलों का प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर हितग्राहियों को मिली योजनाओं की सौगात, पीएम आवास की चॉबी से लेकर केसीसी और सहायक उपकरणों का वितरण मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित सुशासन तिहार के तहत आज जनपद पंचायत खरसिया के ग्राम छोटे मुड़पार में विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में प्रदेश के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में ग्रामीणों से 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के समय-सीमा के भीतर निराकरण के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सुशासन तिहार इसी संकल्प का परिणाम है, जहां शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन की स्थापना की जा रही है। सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही प्रदेश और देश के विकास की आधारशिला है। जब किसान समृद्ध होगा, युवा आत्मनिर्भर होगा और गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा। प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएं। #SushasanTihar2026 #SushasanSarkar

12 views | Raigarh, Chhattisgarh | Jun 5, 2026

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कपड़ों के बंडल में छिपा था गांजा, पुलिस देख रह गई हैरान
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Raigarh, Raigarh | Jun 5, 2026

रायगढ़ ब्रेकिंग: हाटी चौक पर हादसे के बाद ग्रामीणों का चक्काजाम

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत हाटी चौक कोरबा मार्ग पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक संतोष दास की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। छाल पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटी है।

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रायगढ़ ब्रेकिंग: हाटी चौक पर हादसे के बाद ग्रामीणों का चक्काजाम छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत हाटी चौक कोरबा मार्ग पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक संतोष दास की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। छाल पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटी है। #RaigarhNews #ChhattisgarhNews #BreakingNews #AccidentNews #RoadAccident #ChhalThana #JusticeForSantosh #ChakkaJam #CGNews #ViralNews #hatiaccident #raigarhhati #hatitokorbaroad

Raigarh, Raigarh | Jun 5, 2026

एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सचिवों का प्रशिक्षण आयोजित

ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने पर जोर

सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश

कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत घरघोड़ा, धरमजयगढ़ एवं तमनार में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए एसडब्ल्यूएम 2026 विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना तथा एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। इस दौरान सचिवों को ग्राम पंचायतों की भूमिका, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों के संचालन तथा अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
 प्रशिक्षण में बताया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामों के निर्माण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के तहत निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा सचिवों को सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम पंचायत सचिव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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#swm2026

एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सचिवों का प्रशिक्षण आयोजित ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने पर जोर सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत घरघोड़ा, धरमजयगढ़ एवं तमनार में ग्राम पंचायत सचिवों के लिए एसडब्ल्यूएम 2026 विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना तथा एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। इस दौरान सचिवों को ग्राम पंचायतों की भूमिका, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, घर-घर कचरा संग्रहण, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों के संचालन तथा अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामों के निर्माण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए ग्राम पंचायतों को स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कचरा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के तहत निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा सचिवों को सितंबर 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के उद्देश्यों के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने पर बल दिया गया। प्रशिक्षण में जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्राम पंचायत सचिव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। #raigarh #swm2026

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 5, 2026

प्रभारी मंत्री ने किया कोसमनारा में 23.03 करोड़ रुपये की लागत से उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र का भूमिपूजन

प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने कहा- कृषि शिक्षा और अनुसंधान से सशक्त होंगे किसान एवं युवा

सांसद श्री राधेश्याम राठिया बोले- क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा उच्च शिक्षा और रोजगार का नया अवसर

प्रदेश के कृषि मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान ग्राम कोसमनारा में 23 करोड़ 03 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, 100 सीटर बालक छात्रावास तथा 100 सीटर बालिका छात्रावास भवन का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर ग्राम पटेलपाली स्थित फल-सब्जी मंडी परिसर में 4 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न अधोसंरचना कार्यों का लोकार्पण भी किया गया।
 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन की शुरुआत जय मां चंद्रहासिनी के जयघोष से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन तिहार के माध्यम से शासन गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह संस्थान आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां से प्राप्त ज्ञान और तकनीक किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
 प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने किसानों से जैविक खेती को अपनाने तथा गोबर खाद एवं जैविक उर्वरकों के अधिकाधिक उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इसलिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
@dpr.chhattisgarh @chhattisgarhcmo

प्रभारी मंत्री ने किया कोसमनारा में 23.03 करोड़ रुपये की लागत से उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र का भूमिपूजन प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने कहा- कृषि शिक्षा और अनुसंधान से सशक्त होंगे किसान एवं युवा सांसद श्री राधेश्याम राठिया बोले- क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा उच्च शिक्षा और रोजगार का नया अवसर प्रदेश के कृषि मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान ग्राम कोसमनारा में 23 करोड़ 03 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, 100 सीटर बालक छात्रावास तथा 100 सीटर बालिका छात्रावास भवन का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर ग्राम पटेलपाली स्थित फल-सब्जी मंडी परिसर में 4 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न अधोसंरचना कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन की शुरुआत जय मां चंद्रहासिनी के जयघोष से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन तिहार के माध्यम से शासन गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह संस्थान आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां से प्राप्त ज्ञान और तकनीक किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने किसानों से जैविक खेती को अपनाने तथा गोबर खाद एवं जैविक उर्वरकों के अधिकाधिक उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इसलिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। @dpr.chhattisgarh @chhattisgarhcmo

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 5, 2026

बच्चों में डायबिटीज की समय पर पहचान और उपचार को लेकर कार्यशाला आयोजित

स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई तकनीकी जानकारी

कलेक्टर के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों के बढ़ते मधुमेह विशेषकर डायबिटीज (बाल मधुमेह की समय पर पहचान) प्रभावी उपचार और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों सहित कुल 170 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
 कार्यशाला में यूनिसेफ के विशेषज्ञों ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को डायबिटीज के लक्षणों की शीघ्र पहचान, समयानुकूल उपचार तथा समग्र प्रबंधन की तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे समुदाय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन, काउंसलिंग और रोगी सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता रणनीतियां तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग के महत्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों एवं अनुभव साझा कर विषय की गहन समझ विकसित की, जिससे भविष्य में रोगी देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक और सराहनीय कदम बताया। प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह एवं अक्षय तिवारी (मास्टर ट्रेनर) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. कैनन डेनियल जिला नोडल अधिकारी एनसीडी, डॉ. सुमित मंडल सहायक नोडल सलाहकार, डॉ. जावेद जिला नोडल सिकल सेल, सुश्री रंजना पैकरा तथा श्रीमती सीमा बरेठ (डीपीएचएन) का विशेष सहयोग रहा।
 विशेषज्ञों ने बताया कि डायबिटीज के प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, अचानक वजन कम होना, कमजोरी, थकान, धुंधला दिखाई देना तथा बच्चों में चिड़चिड़ापन या व्यवहार में बदलाव शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, मीठे पेय पदार्थों से परहेज और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है।

#HIV #hivawareness

बच्चों में डायबिटीज की समय पर पहचान और उपचार को लेकर कार्यशाला आयोजित स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई तकनीकी जानकारी कलेक्टर के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों के बढ़ते मधुमेह विशेषकर डायबिटीज (बाल मधुमेह की समय पर पहचान) प्रभावी उपचार और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों सहित कुल 170 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला में यूनिसेफ के विशेषज्ञों ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को डायबिटीज के लक्षणों की शीघ्र पहचान, समयानुकूल उपचार तथा समग्र प्रबंधन की तकनीकी जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे समुदाय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर सकें। प्रशिक्षण के दौरान डायबिटीज की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन, काउंसलिंग और रोगी सहायता समूहों की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता रणनीतियां तथा मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक सहयोग के महत्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों एवं अनुभव साझा कर विषय की गहन समझ विकसित की, जिससे भविष्य में रोगी देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक और सराहनीय कदम बताया। प्रशिक्षण का संचालन यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह एवं अक्षय तिवारी (मास्टर ट्रेनर) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. कैनन डेनियल जिला नोडल अधिकारी एनसीडी, डॉ. सुमित मंडल सहायक नोडल सलाहकार, डॉ. जावेद जिला नोडल सिकल सेल, सुश्री रंजना पैकरा तथा श्रीमती सीमा बरेठ (डीपीएचएन) का विशेष सहयोग रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि डायबिटीज के प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, अचानक वजन कम होना, कमजोरी, थकान, धुंधला दिखाई देना तथा बच्चों में चिड़चिड़ापन या व्यवहार में बदलाव शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, मीठे पेय पदार्थों से परहेज और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है। #HIV #hivawareness

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 5, 2026

जनता की समस्याओं का समाधान ही सुशासन की पहचान- प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम छोटे मुड़पार में आयोजित शिविर में प्रभारी मंत्री ने सुनीं लोगों की समस्याएं विभागीय स्टॉलों का प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर हितग्राहियों को मिली योजनाओं की सौगात, पीएम आवास की चॉबी से लेकर केसीसी और सहायक उपकरणों का वितरण मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप संचालित सुशासन तिहार के तहत आज जनपद पंचायत खरसिया के ग्राम छोटे मुड़पार में विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में प्रदेश के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शिविर में ग्रामीणों से 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों के समय-सीमा के भीतर निराकरण के निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सुशासन तिहार इसी संकल्प का परिणाम है, जहां शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन की स्थापना की जा रही है। सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास ही प्रदेश और देश के विकास की आधारशिला है। जब किसान समृद्ध होगा, युवा आत्मनिर्भर होगा और गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा। प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाएं। #SushasanTihar2026 #SushasanSarkar - Raigarh News