राज्य में किशोरियों एवं महिलाओं सहित सभी आयु वर्ग के लोगों को अनीमिया से मुक्त करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार श्री सम्राट चौधरी द्वारा आज 'अनीमिया मुक्त भारत' कार्यक्रम के तहत राज्यस्तरीय अनीमिया जांच एवं उपचार अभियान का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस मौके पर सदर अस्पताल मुंगेर में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह विशेष अभियान 25 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान किशोरियों एवं महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए अनीमिया की पहचान, जांच, उपचार एवं रोकथाम पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों एवं विद्यालयों में होगी अनीमिया की जांच : जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अनीमिया की जांच की जाएगी। इसके अंतर्गत जिला अस्पताल/अनुमंडलीय अस्पताल / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र / प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र / APHC/UPHC/AAM/HSC/VHSND/PMSMA सत्रों तथा RBSK के अंतर्गत चलने वाले चिकित्सा दल द्वारा सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर के माध्यम से जांच की जाएगी। जांच के दौरान आवश्यकता के अनुसार लाभार्थियों को आयरन फोलिक एसिड (IFA) की गोलियों का वितरण, रेफरल सेवा तथा अनीमिया की रोकथाम एवं उपचार संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रति पंचायत 20 लाभार्थियों की जांच का लक्ष्य : जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रति पंचायत प्रतिदिन 20 लाभार्थियों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में कुल 96 पंचायतों को ध्यान में रखते हुए 75 कार्य दिवसों के दौरान लगभग 1,44,000 (एक लाख चौवालीस हजार) लाभार्थियों की अनीमिया जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जांच के लिए जिले से पंचायत स्तर तक के सभी सरकारी विद्यालयों एवं स्वास्थ्य संस्थानों-DH, SDH, RH, CHC, PHC, APHC, UPHC, UHC, AAM एवं HSC में VHSND एवं PMSMA सत्रों के दौरान आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जांच के लिए उपलब्ध रहेंगे आवश्यक संसाधन : अभियान को प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए जांच स्थलों पर डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप्स, क्यूवेट एवं लैंसेट, अल्कोहल स्वाब, डिस्पोजेबल दस्ताने, आईईसी सामग्री, रिकॉर्ड एवं रिपोर्टिंग प्रपत्र सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आयरन फोलिक एसिड सिरप, आयरन फोलिक एसिड की लाल, नीली एवं गुलाबी गोलियों तथा FCM की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जांच के लिए चिकित्सक, एएनएम / सीएचओ, प्रयोगशाला तकनीशियन एवं पर्यवेक्षक सहित आवश्यक मानव संसाधन की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। जांच स्थलों पर जैव-चिकित्सा अपशिष्ट के समुचित प्रबंधन की भी व्यवस्था रहेगी।
पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श पर विशेष जोर : अभियान के दौरान जांच के लिए आने वाले लाभार्थियों को अनीमिया एवं पोषण से संबंधित आवश्यक परामर्श भी दिया जाएगा। इसमें अनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आयरनयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, मोटापा तथा अन्य पोषण संबंधी विषयों पर परामर्श शामिल रहेगा। यह परामर्श CHO/ANM/RMNCHA+N Counsellor द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य व्यापक स्तर पर अनीमिया की पहचान कर समय पर उपचार एवं आवश्यक पोषण संबंधी परामर्श उपलब्ध कराना है, ताकि विशेष रूप से किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके तथा एक स्वस्थ एवं सशक्त बिहार के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाया जा सके।
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Munger, Munger | Aug 25, 2026