प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास (ECD) को सुदृढ़ करने हेतु पायलट प्रोजेक्ट की कार्ययोजना पर बैठक आयोजित
Information & Public Relations Department, Government of Bihar Social Welfare Department, Government of Bihar प्रारंभिक बाल्यावस्था, विशेषकर जन्म से 6 वर्ष की आयु तक की अवधि, बच्चों के शारीरिक, मानसिक, संज्ञानात्मक, भाषायी, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास की आधारशिला है। इस महत्वपूर्ण अवधि में गुणवत्तापूर्ण पोषण, responsive caregiving, सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण, खेल-आधारित सीखने तथा समय पर विकासात्मक देरी की पहचान बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों को Early Childhood Development (ECD)-friendly centres के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है।
इसी क्रम में 16.09.2026 को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ECD को सुदृढ़ करने एवं प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट की कार्ययोजना के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में UNICEF बिहार की राज्य स्तरीय टीम से Dr. Monika Nielsen, Chief of Field Office, UNICEF Bihar; Dr. Antaryami Dash, Nutrition Specialist; Dr. Shivani Dar, Nutrition Officer; Raghvendra Kumar, State Consultant – Early Childhood Development; Nidhi एवं Shubham, District Nutrition Consultants; तथा Sahanubhuti, Consultant के साथ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी एवं जिला समन्वयक, ICDS सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के समग्र विकास के लिए अधिक अनुकूल बनाने, खेल एवं गतिविधि आधारित सीखने, आयु-उपयुक्त ECD गतिविधियों, विकासात्मक माइलस्टोन की पहचान, अभिभावक सहभागिता, घर-आंगनबाड़ी केंद्र के बीच बेहतर समन्वय तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं stimulating learning environment विकसित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट के प्रारंभिक चरण में मनिहारी प्रखंड के कुल 50 आंगनबाड़ी केंद्रों को ECD के दृष्टिकोण से विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिले के प्रत्येक प्रखंड में 2-2 आंगनबाड़ी केंद्रों को पायलट केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों पर प्रस्तावित ECD गतिविधियों एवं प्रक्रियाओं का क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण एवं प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान करने वाले केंद्रों के रूप में नहीं, बल्कि 0–6 वर्ष के बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक सीखने, अभिभावक सहभागिता और समय पर विकासात्मक आवश्यकताओं की पहचान एवं सहायता के लिए समग्र ECD केंद्र के रूप में सुदृढ़ करना है।
2 views | Katihar, Bihar | Sep 17, 2026