संझौली में बिजली चोरी पर विभाग का बड़ा प्रहार, छह लोगों पर प्राथमिकी व आर्थिक दंड।
विद्युत विभाग द्वारा बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने एवं राजस्व वसूली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संझौली प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जांच एवं छापेमारी अभियान चलाया गया। कनीय विद्युत अभियंता संझौली एवं तकनीकी कर्मियों की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर छह लोगों को अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान मीटर बाईपास कर बिजली चोरी मामले मे सिअरुआं निवासी अनिल पाल पिता-मंगरू पाल पर 31672, प्रमिला देवी पति-जसवंत सिंह पर 35135, राजेंद्र पाल पिता-राम नरेश भगत पर 20538, तेंदुआ के विनोद राम पिता-राम बचन राम पर 114942 का जुर्माना लगाया गया। वहीं बिना वैध कनेक्शन बिजली चोरी करते पाए जाने पर सिअरुआं के हीं बाबूराम सिंह पिता-राम सुगन सिंह पर 3289, तेंदुआ निवासी केश्वर सिंह पिता-राम निहोरा सिंह पर 19979 का दंड अधिरोपित किया गया। उक्त व्यक्तियों के परिसर मे मीटर भी अधिष्ठापित नहीं था तथा अवैध रूप से तार संयोजित कर विद्युत ऊर्जा की चोरी की जा रही थी। उक्त सभी मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कनीय विद्युत अभियंता संझौली प्रमुदित रक्त पटेल ने बताया कि बिजली चोरी से विभाग को भारी राजस्व हानि होती है तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित होती है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करने, समय पर बिजली बिल का भुगतान करने तथा जिन व्यक्तियों ने अब तक विद्युत कनेक्शन नहीं लिया है, उनसे 'सुविधा बिहार' ऐप के माध्यम से नए कनेक्शन हेतु आवेदन कर विभागीय मीटर स्थापित होने के बाद ही बिजली का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी एक दंडनीय अपराध है और इसके विरुद्ध विभाग का विशेष अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।