गोरखपुर की बेटी शिवांगी शुक्ला अपने बीमार पिता को अस्पताल ले जा रही थी,रास्ते में एक बाइक कार से टकराई, आरोप है कि इसके बाद बाइक सवार ने अपने साथियों को बुलाया और फिर एक अकेली लड़की के साथ मारपीट की गई......!
कार में भी तोड़फोड़ हुई,यदि यह आरोप सही हैं,तो यह बेहद गंभीर मामला है,सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी बेटी के साथ खुलेआम ऐसी घटना होती है,तो कानून का डर आखिर किसे है.?
जो लोग हर मुद्दे पर समाज,संस्कृति और सम्मान की बात करते हैं, क्या इस घटना पर भी उतनी ही मजबूती से आवाज़ उठाएँगे.? या फिर राजनीतिक सुविधा के हिसाब से चुप्पी साध ली जाएगी.?
यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है,तो उसकी जाति,पार्टी या विचारधारा नहीं देखी जानी चाहिए,न्याय हर नागरिक का अधिकार है......!
जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार लोगों से अपेक्षा है कि वे निष्पक्ष होकर इस मामले पर बोलें,दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करें और पीड़िता को न्याय दिलाने में अपनी भूमिका निभाएँ..!
आज सवाल सिर्फ शिवांगी का नहीं है,सवाल हर उस बेटी की सुरक्षा का है जो अपने घर से यह भरोसा लेकर निकलती है कि कानून उसके साथ खड़ा रहेगा, अन्याय पर चुप्पी, अन्याय को ताकत देती है.....!