लगातार उत्तराखंड और उत्तराखंडियों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने वाले कुछ लोग इस वीडियो के माध्यम से राज्य की पुलिस और प्रशासन का संयम देख सकते हैं।
प्रशासन के पास ऐसे युवकों के खिलाफ कार्रवाई करने के तमाम कानूनी और प्रशासनिक साधन मौजूद हैं। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कानून का पाठ भी पढ़ाया जा सकता है। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच किसी प्रकार की खाई या तनाव पैदा न हो, इसलिए प्रशासन अभी धैर्य और संयम का परिचय दे रहा है।
हालांकि, संयम को कमजोरी समझने की भूल किसी को नहीं करनी चाहिए। उत्तराखंड की संस्कृति सम्मान, शालीनता और सह-अस्तित्व की रही है। कानून का सम्मान करना और स्थानीय व्यवस्था का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। जो भी व्यक्ति या समूह शांति और सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध कानून के दायरे में उचित कार्रवाई होना स्वाभाविक है।