राम भी लुटियाली विष्णु भी लूटियाली जी
मंदिरों कु पैंसा भी चाटी फोंजिक ख्याली जी
युवा कवि दीपक कैंतुरा की अयोध्या और बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी पर व्यंग्यात्मक कविता
युवा कवि दीपक कैंतुरा की यह व्यंग्यात्मक कविता इन दिनों खूब चर्चा में है। अयोध्या और बद्रीनाथ मंदिरों में दान राशि से जुड़ी कथित चोरी की घटनाओं पर उन्होंने अपनी पहाड़ी बोली में तीखा सामाजिक व्यंग्य प्रस्तुत किया है।
क्या आस्था के नाम पर चढ़ाया गया धन भी सुरक्षित नहीं? कविता इसी सवाल को बेहद मार्मिक और व्यंग्यपूर्ण अंदाज़ में उठाती है।
देखिए युवा कवि दीपक कैंतुरा की पूरी प्रस्तुति और बताइए—आप इस कविता और इसके संदेश को कैसे देखते हैं?
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Dehradun, Dehradun | Jul 13, 2026