उरई में डूडा विभाग का बड़ा खेल? ठेकेदारों से कथित सांठगांठ, शिकायतों पर भी नहीं होती कार्रवाई!
एक ही ठेकेदार को लगातार काम देने के आरोप, बिना मानक निर्माण से लोगों में भारी आक्रोश
उरई (जालौन)। उरई शहर में डूडा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विभाग में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश निर्माण कार्य कथित रूप से एक ही ठेकेदार को दिए जा रहे हैं और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय ठेकेदार का पक्ष लेते दिखाई देते हैं।
मोहल्लों के लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर सीसी सड़क, नाली और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे हैं। शिकायत करने पर अधिकारी मौके का निरीक्षण तक नहीं करते और बिना जांच के ही कार्य को सही बता देते हैं। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां-जहां डूडा विभाग के निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां के लोगों ने गुणवत्ता को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज कराई है। इसके बावजूद न तो किसी निर्माण की तकनीकी जांच कराई गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनी।
लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि डूडा विभाग द्वारा कराए जा रहे सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता, मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
जब इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी रतन प्रकाश यादव से की गई तो उन्होंने उनका जवाब यह रहा की पहले रोड डालते हैं उसके बाद नाली बनती है अब आप लोग समझ सकते हैं कि जब ऐसे अधिकारी ही ठेकेदारों की पक्ष में बात कर रहे हैं तो इस रोड को तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना एक आम बात है।
अब देखना यह होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान लेकर कार्रवाई करवाते हैं या ठेकेदारों की पक्ष लेकर इस रोड को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया जाता है।
Jalaun, Jalaun | Aug 11, 2026