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अवैध शराब के खिलाफ भगवती मानव कल्याण संगठन और नारी शक्ति चेतना पार्टी को सुनिए....
Shahnagar, Panna
| Sep 14, 2026
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राज्य पुलिस सेवा अधिकारी तबादला सूची,पन्ना से तीन...more
Shahnagar, Panna | Sep 14, 2026
दूसरे दिन भी जारी रहा ‘चिता आंदोलन’, बढ़ते पानी के बीच बढ़ता ग्रामीणों का आक्रोश मझगांय बाँध के डूब क्षेत्र में घरों तक पहुँचा पानी, विस्थापन और मुआवज़े को लेकर ग्रामीणों में चिंता; अमित भटनागर बोले—“पानी बढ़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की संवेदनशीलता दिखाई नहीं दे रही” पन्ना/अजयगढ़। मझगांय बाँध के बढ़ते जलस्तर और डूब क्षेत्र में प्रभावित परिवारों के विस्थापन, मुआवज़े एवं पुनर्वास की मांग को लेकर जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘चिता आंदोलन’ दूसरे दिन भी जारी रहा। डूब क्षेत्र से सामने आ रही तस्वीरें और ग्रामीणों की बातें चिंता बढ़ाने वाली हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार गाँव की ओर बढ़ रहा है और कई घरों तक पानी पहुँच चुका है। ऐसे में प्रभावित परिवार अपने घर, खेत और वर्षों से बसाए संसार को अपनी आँखों के सामने संकट में आता देख रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कई परिवारों को अभी तक मुआवज़ा नहीं मिला है। वहीं मुआवज़े की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पैसों की मांग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन दिए और न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। 💧 “पानी बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन गायब है” आंदोलन स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर दिन पानी गाँव की तरफ बढ़ रहा है। उनके अनुसार प्रभावित परिवार भय और चिंता के बीच अपने घरों और भविष्य को लेकर परेशान हैं, लेकिन जिन जिम्मेदार लोगों से जवाब और राहत की उम्मीद है, उनकी सक्रिय मौजूदगी दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि लोगों ने बार-बार अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए, ज्ञापन दिए और न्याय की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं होने के बाद मजबूरी में चिता आंदोलन शुरू करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन विकास के खिलाफ नहीं, बल्कि विस्थापित परिवारों के अधिकार, न्याय और सम्मान की मांग को लेकर है। ⚡ आंदोलन के बीच बिजली काटने का आरोप ग्रामीणों ने आंदोलन के पहले दिन मझगांय डेम प्रभावित वनहरी क्षेत्र के टपरियन गाँव की बिजली काटे जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर डूब क्षेत्र में पानी लगातार बढ़ रहा है, वहीं बिजली कटने से उनकी परेशानियाँ और बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की है और आरोप लगाया कि बिजली काटे जाने की कार्रवाई को आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इन आरोपों पर संबंधित विभाग/प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। 📢 प्रमुख मांगें क्या हैं? आंदोलनकारियों और प्रभावित ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में— 🔹 लंबित मुआवज़े का तत्काल भुगतान 🔹 प्रभावित परिवारों का पारदर्शी एवं निष्पक्ष सर्वे 🔹 उचित पुनर्वास की व्यवस्था 🔹 डूब क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता 🔹 मुआवज़े की प्रक्रिया में लगाए गए कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच 🔹 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित तरीके से विस्थापित करने की व्यवस्था शामिल हैं। 🤝 विभिन्न संगठनों और कांग्रेस नेताओं का समर्थन चिता आंदोलन को दूसरे दिन आदिवासी दलित क्रांति सेना एवं जिला कांग्रेस का भी समर्थन मिला। आंदोलन स्थल पर पहुँचे कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन में केपी सिंह बुंदेला, संयोजक आदिवासी दलित क्रांति सेना (बुंदेलखंड), अनीस खान, जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना, पूर्व प्रत्याशी भरत मिलन पांडे, प्रेम कुमार पांडेय, राकेश गर्ग, सौरभ पटेरिया, कदीर खान, सुरेन्द्र आदिवासी, हसीब खान, रिंकू खान, मैकू अहिरवार, राजाजी बुंदेला, विकास तिवारी, आशा यादव, रेहान मोहम्मद, नेता प्रतिपक्ष, वैभव थापक, अक्षय तिवारी, जगत पाल सिंह एवं भूपेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 👥 कई बांधों और परियोजनाओं से जुड़े विस्थापित भी पहुँचे आंदोलन में केवल मझगांय बाँध से प्रभावित लोग ही नहीं, बल्कि केन-बेतवा परियोजना, रूंझ बाँध और ललितपुर-सिंगरौली रेल मार्ग से जुड़े प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। केन-बेतवा से जुड़े दयाराम आदिवासी, राजकुमार आदिवासी, सुना बाई सहित मझगांय बाँध से दीपक द्विवेदी, उपेन्द्र विश्वकर्मा, अंकित सोनी, ठाकुरदीन पाल, राजरानी प्रजापति, रानी आदिवासी, मंगल यादव, गयाप्रसाद कोंदर समेत अनेक लोग आंदोलन में शामिल हुए। रूंझ बाँध से महेश आदिवासी, दौलत आदिवासी, मालती आदिवासी, अनारी आदिवासी, अमरप्रसाद आदिवासी, कृपाल आदिवासी, निरपत आदिवासी, प्रभुदयाल आदिवासी, रामौतार आदिवासी, रतन आदिवासी, प्रकाश आदिवासी, बद्री आदिवासी, राकेश आदिवासी, देवीदीन आदिवासी, राजाराम आदिवासी और ललित आदिवासी सहित कई विस्थापित पहुँचे। वहीं ललितपुर-सिंगरौली रेल मार्ग से जुड़े पूरन यादव, राजाराम प्रजापति, अखिलेश जैन, शिवधनी यादव, जगदीश पटेल, आशा बाई साहू, इन्दू पाठक, मालती बाई सोनकर और रामनारायण प्रजापति सहित अन्य लोगों ने भी आंदोलन में सक्रिय सहभागिता निभाई। आंदोलन व्यापक करने की चेतावनी जय किसान संगठन की नेता दिव्या अहिरवार और हिसाबी राजपूत ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बढ़ते जलस्तर के बीच डूब क्षेत्र में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा, मुआवज़े और पुनर्वास को लेकर प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है? ग्रामीणों का कहना है—“मुआवज़ा दो, पुनर्वास दो और लोगों को डूबने के लिए मजबूर मत करो।” मामले में प्रशासन एवं संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। #मझगांयबांध #चिता_आंदोलन #पन्ना #अजयगढ़ #विस्थापन #मुआवजा #पुनर्वास #जयकिसानसंगठन
Shahnagar, Panna | Sep 14, 2026
क्या वाकई पुलिस अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।आप कमेंट में बताएं।
Shahnagar, Panna | Sep 14, 2026
शासन प्रशासन को जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए
Shahnagar, Panna | Sep 14, 2026
यदि वाकई सबका साथ सबका विकास हो रहा है तो इन गरीबों की व्यथा भी शासन प्रशासन को सुननी चाहिए
Shahnagar, Panna | Sep 14, 2026
गणेश चतुर्थी के एक दिवस पहले विश्व की सबसे बूढ़ी हथिनी वत्सला के स्टेचू का पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला गेट पर हुआ अनावरण गणेश चतुर्थी के एक दिवस पूर्व संझा बेला में पन्ना टाइगर रिजर्व के अकोला गेट पर विश्व की सबसे बूढ़ी हथिनी 'वत्सला' की स्मृति में उनके स्टेचू का भव्य अनावरण किया गया। इस गरिमामयी समारोह में मध्य प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष माननीय श्री नरेंद्र सिंह तोमर, पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री माननीय श्री इंदर सिंह परमार, पन्ना विधायक माननीय श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं वरिष्ठ जन उपस्थित रहे। वन विभाग की ओर से पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, वनमंडलाधिकारी दक्षिण पन्ना, उप संचालक, सहायक संचालक पन्ना, परिक्षेत्र अधिकारी सहित वन अमला इस अवसर पर मौजूद रहा। वत्सला के इस स्टेचू की स्थापना और अनावरण में जे.के. सीमेंट अमानगंज की विशेष और महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके अधिकारीगण भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। अनावरण करते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष माननीय श्री नरेंद्र सिंह तोमर व्दारा विधि-विधान से वत्सला की पूजा-अर्चना की गई और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद किया गया तथा उनकी प्रतिमा को अकोला गेट पर स्थापित किया गया। उल्लेखनीय है कि वत्सला विश्व की सबसे बूढ़ी हथिनी मानी जाती थी। उनका जन्म लगभग वर्ष 1917 के आसपास केरल के नीलांबुर जंगलों में हुआ था। इसके पश्चात वे पन्ना आईं और पन्ना की भौगोलिक परिस्थितियों एवं उबड़-खाबड़ स्थानों में उन्होंने अपना एक लंबा जीवन व्यतीत किया। वत्सला ने अपना सम्पूर्ण जीवन में किसी नर हाथी के साथ मेटिंग नहीं की। इसके साथ ही, उन्होंने दूसरी हथिनियों के बच्चों का लालन-पालन अत्यंत स्नेह और वात्सल्य के साथ किया। उनके इसी प्रेमपूर्ण और वात्सल्यमयी स्वभाव के कारण आसपास के वन्यजीव प्रेमी और पन्ना के स्थानीय लोग उन्हें आदर और स्नेह से "दादी मां" कहकर पुकारते थे। वत्सला 'दादी मां' की इन्हीं स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए अकोला गेट पर इस स्टेचू को स्थापित किया गया है।
Shahnagar, Panna | Sep 14, 2026
अमित भटनागर
Shahnagar, Panna | Sep 14, 2026
Shahnagar, Panna | Sep 13, 2026