Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
कांग्रेस
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Up
अमित_शाह
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Uttarpradesh
Haryana
Cricket
Lucknow
Uttarakhand
Sambalpur
No video available

मुशहरी: #कमर दर्द कभी नहीं होगा #strong knee

Musahri, Muzaffarpur | Nov 26, 2023

MORE NEWS

मुजफ्फरपुर में याद किया गया आपातकाल का काला अध्याय! 172 जेपी सेनानी और पुराने कार्यकर्ता सम्मानित।

#ConstitutionDay #SamvidhanHatyaDiwas #Emergency1975 #Muzaffarpur #JPAndolan #Democracy #NityanandRai

मुजफ्फरपुर में याद किया गया आपातकाल का काला अध्याय! 172 जेपी सेनानी और पुराने कार्यकर्ता सम्मानित। #ConstitutionDay #SamvidhanHatyaDiwas #Emergency1975 #Muzaffarpur #JPAndolan #Democracy #NityanandRai

Musahri, Muzaffarpur | Jun 25, 2026

जिलाधिकारी  ने पर्यवेक्षण गृह, बृहद आश्रय गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश
~~~~~~~~~~~~~~~~
मुजफ्फरपुर
25 जून, 2026
 
 मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न बाल संरक्षण संस्थानों के कुशल प्रबंधन एवं संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह, नरौली (मुसहरी) स्थित वृहद आश्रय गृह तथा खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, बच्चों की देखरेख, शिक्षा, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सरकारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप संस्थानों का संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत विधि के उल्लंघन के आरोपित बालकों के सुधारात्मक एवं पुनर्वासात्मक उपायों के लिए इस गृह का संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में यहां मुजफ्फरपुर जिले के 38, सीतामढ़ी जिले के 23 तथा शिवहर जिले के 4 बालकों सहित कुल 65 बालकों का आवासन  है। गृह में 15 कर्मियों द्वारा बच्चों की दैनिक देखभाल की जा रही है, जबकि शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त तीन शिक्षकों के माध्यम से नियमित शिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने भोजन कक्ष, शयन कक्ष, अध्ययन कक्ष तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों को निर्धारित भोजन तालिका के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और सुधारात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें सकारात्मक बदलाव लाना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने नरौली, मुसहरी स्थित  वृहद आश्रय गृह का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह गृह देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के समुचित संरक्षण तथा उनके पारिवारिक पुनर्वास के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में इस गृह में मुजफ्फरपुर जिले के 37 बच्चों का आवासन है। यहां 18 कर्मियों द्वारा बच्चों की देखभाल की जा रही है तथा संस्थान के कर्मियों द्वारा ही नियमित शिक्षण सत्र संचालित किए जाते हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों के रहने की व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए योजना तैयार की जाए तथा उनके परिवारों का पता लगाकर यथासंभव पारिवारिक पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल बच्चों को आश्रय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हुए उनके बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है।
खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि यह संस्थान देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा बालिकाओं के संरक्षण, पारिवारिक पुनर्वास एवं कानूनी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के लिए संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में संस्थान में 9 बच्चों का आवासन है तथा उनकी देखभाल के लिए  कर्मी कार्यरत हैं। संस्थान के कर्मियों द्वारा बच्चों को शिक्षा एवं अन्य आवश्यक गतिविधियों से जोड़ा जाता है। जिलाधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था, पोषण, सुरक्षा तथा अभिलेखों का निरीक्षण किया।  उन्होंने दत्तक ग्रहण संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संचालित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी संस्थानों में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास से संबंधित सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण संस्थानों में रह रहे प्रत्येक बच्चे को सम्मानजनक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण तथा पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। संस्थानों में स्वच्छता, सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ बच्चों के कौशल विकास एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण प्रदान करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें ताकि प्रत्येक बच्चे का सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने पर्यवेक्षण गृह, बृहद आश्रय गृह एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश ~~~~~~~~~~~~~~~~ मुजफ्फरपुर 25 जून, 2026 मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न बाल संरक्षण संस्थानों के कुशल प्रबंधन एवं संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह, नरौली (मुसहरी) स्थित वृहद आश्रय गृह तथा खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, बच्चों की देखरेख, शिक्षा, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सरकारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप संस्थानों का संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सिकंदरपुर स्थित पर्यवेक्षण गृह में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत विधि के उल्लंघन के आरोपित बालकों के सुधारात्मक एवं पुनर्वासात्मक उपायों के लिए इस गृह का संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में यहां मुजफ्फरपुर जिले के 38, सीतामढ़ी जिले के 23 तथा शिवहर जिले के 4 बालकों सहित कुल 65 बालकों का आवासन है। गृह में 15 कर्मियों द्वारा बच्चों की दैनिक देखभाल की जा रही है, जबकि शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त तीन शिक्षकों के माध्यम से नियमित शिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने भोजन कक्ष, शयन कक्ष, अध्ययन कक्ष तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए बच्चों को निर्धारित भोजन तालिका के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और सुधारात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें सकारात्मक बदलाव लाना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने नरौली, मुसहरी स्थित वृहद आश्रय गृह का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह गृह देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के समुचित संरक्षण तथा उनके पारिवारिक पुनर्वास के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में इस गृह में मुजफ्फरपुर जिले के 37 बच्चों का आवासन है। यहां 18 कर्मियों द्वारा बच्चों की देखभाल की जा रही है तथा संस्थान के कर्मियों द्वारा ही नियमित शिक्षण सत्र संचालित किए जाते हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों के रहने की व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए योजना तैयार की जाए तथा उनके परिवारों का पता लगाकर यथासंभव पारिवारिक पुनर्वास की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल बच्चों को आश्रय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हुए उनके बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है। खबड़ा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि यह संस्थान देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा बालिकाओं के संरक्षण, पारिवारिक पुनर्वास एवं कानूनी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के लिए संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में संस्थान में 9 बच्चों का आवासन है तथा उनकी देखभाल के लिए कर्मी कार्यरत हैं। संस्थान के कर्मियों द्वारा बच्चों को शिक्षा एवं अन्य आवश्यक गतिविधियों से जोड़ा जाता है। जिलाधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था, पोषण, सुरक्षा तथा अभिलेखों का निरीक्षण किया। उन्होंने दत्तक ग्रहण संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संचालित करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी संस्थानों में बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास से संबंधित सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण संस्थानों में रह रहे प्रत्येक बच्चे को सम्मानजनक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण तथा पुनर्वास के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। संस्थानों में स्वच्छता, सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ बच्चों के कौशल विकास एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण प्रदान करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें ताकि प्रत्येक बच्चे का सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

Muzaffarpur, Bihar | Jun 25, 2026

मुशहरी: #कमर दर्द कभी नहीं होगा #strong knee - Musahri News