विश्व हिंदू परिषद परिवार ने राष्ट्रभक्त पदयात्री का किया स्वागत
औरंगाबाद :विश्व हिंदू परिषद परिवार ने महाराष्ट्र से पदयात्रा पर निकले राष्ट्रभक्त त्रयंबकम नाइक का मदनपुर में भव्य स्वागत किया।त्रयंबकम नाइक महाराष्ट्र से पदयात्री बनकर निकले हैं। भारत भारती के इस सपूत ने भारतेश्वरी की वंदना को ही अपने जीवन का अंतिम लक्ष्य मानकर संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा में अर्पित कर दिया है। उम्र के उस पड़ाव में जब शरीर को विश्राम की आवश्यकता होती है, उन्होंने विश्राम को त्याग कर सनातन धर्म का अलख जगाने का संकल्प लिया है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदू स्वराज के धर्म ध्वज को भारत भूमि की अंतिम सीमा तक फहराने और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के संकल्प के साथ घर-परिवार को छोड़कर यह पदयात्रा प्रारंभ की है।
महाराष्ट्र से विभिन्न तीर्थों का दर्शन करते हुए वे कल रात्रि मदनपुर पहुंचे। विश्व हिंदू परिषद के जिला सहमंत्री नवीन पाठक, दिलीप कुमार, मनजीश कुमार सहित संगठन के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं ने इस धर्म योद्धा का अभिनंदन एवं वंदन किया। रात्रि विश्राम एकल ग्राम उत्थान फाउंडेशन सीटीएल के कार्यालय में कराया गया।विश्व हिंदू परिषद के आजीवन हितचिंतक एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच के राष्ट्रीय संरक्षक मंडल सदस्य जितेंद्र सिंह परमार ने उनके सम्मान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रभक्त ही सनातन की प्रेरणा हैं।
प्रस्थान से पूर्व उन्होंने सनातन परिवार को संदेश देते हुए कहा कि जाति भेद और छुआछूत में हिंदू समाज को विभक्त होने की आवश्यकता नहीं है। जिसके माथे पर श्री तिलक और शिखा है, ऐसे सभी सनातनियों को साथ लेकर हिंदू राष्ट्र के अभियान में सम्मिलित होना चाहिए।इसके पश्चात उन्होंने उमगेश्वरी स्थित सूर्य भगवान के मंदिर में दर्शन किए और मदनपुर के सनातन परिवार के लिए शुभकामनाएं देते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।