मौड़ा स्कूल की अनूठी पहल : पेड़ों को राखी बांध कर मनाया रक्षाबंधन
शिक्षा खण्ड सुंडला के अंतर्गत आने वाली राजकीय प्राथमिक पाठशाला मौड़ा में रक्षाबंधन के पावन पर्व को हर वर्ष की भांति अनोखे और प्रेरणादायी तरीके से मनाया गया। विद्यालय के बच्चों ने अध्यापकों के साथ मिलकर विद्यालय परिसर के साथ लगे वृक्षों और फ्लावर गार्डन में उगे पौधों को राखी बांधकर 'वृक्ष रक्षाबंधन' मनाया।
इस अवसर पर बच्चों को रक्षाबंधन पर्व के सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और मानव जीवन में पेड़ों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों ने पेड़ों की रक्षा करने का प्रण लिया। बच्चों ने कहा कि जिस प्रकार पेड़ पूरे पर्यावरण, सभी जीवों और समस्त मानवता की रक्षा करते हैं, हमें भी उनकी रक्षा करनी चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने पेड़ों को राखी बांधकर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
यह नवाचारी गतिविधि नई शिक्षा नीति 2020 और सतत विकास लक्ष्यों से जुड़ी हुई है। गौरतलब है कि यह गतिविधि केवल एक त्योहार मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मूल उद्देश्यों से सीधे जुड़ी हुई है। इससे बच्चों को अनुभवात्मक अधिगम का अवसर मिला है। किताबी ज्ञान से बाहर निकलकर बच्चों ने प्रकृति के साथ जुड़कर सीखा। बच्चों में पर्यावरण के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई व रक्षाबंधन जैसे भारतीय त्योहार को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर शिक्षा को स्थानीय और सांस्कृतिक बनाने का प्रयास किया गया। ताकि बच्चों को एक जिम्मेदार और सतत नागरिक बनने की ओर अग्रसर किया जा सके। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित सतत विकास लक्ष्य के तहत पेड़ों के महत्व को समझना और उनकी रक्षा करना जलवायु परिवर्तन को रोकने में पहला कदम है बच्चों ने वृक्षों और जैव विविधता की रक्षा का संकल्प लिया जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सुनिश्चित हो सके।
पाठशाला प्रभारी एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ने अधिक जानकारी देते हुए कहा, "इस तरह की गतिविधियां बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं। जब बच्चा किसी पेड़ को राखी बांधकर उसे अपना भाई या मित्र मान लेता है, तो वह उसकी रक्षा के लिए स्वतः ही प्रेरित होता है। इससे वह सतत विकास जैसे वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति में बचपन से ही अपना योगदान देने में सक्षम बनता है।"
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर में सभी ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
Chamba, Chamba | Aug 27, 2026