*बस्ती: समूह सखियों की सेवा पर संकट, मानदेय बंद करने की तैयारी से नाराज, DM के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन*
*बस्ती।* राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत कार्यरत समूह सखियों ने अपनी सेवा की निरंतरता, मानदेय और भविष्य की सुरक्षा को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। भाग्यशाली महिला सेवा समिति के बैनर तले जिलाध्यक्ष पूनम गुप्ता के नेतृत्व में बस्ती जिला अधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपकर 6 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।
समिति का कहना है कि समूह सखियां लंबे समय से गांव-गांव जाकर स्वयं सहायता समूहों के गठन, संचालन, बैठकों, अभिलेखों और मिशन की विभिन्न गतिविधियों को धरातल पर पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। लेकिन अब 5 वर्ष की अवधि पूर्ण होने का हवाला देकर उन्हें कार्य से हटाने, मानदेय बंद करने और ग्राम संगठन अथवा सामुदायिक संस्था के माध्यम से संचालित करने की बात कही जा रही है, जिससे हजारों सखियों के भविष्य और आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
*ज्ञापन में रखी गईं 6 प्रमुख मांगें:*
*1. सेवा निरंतरता एवं सेवा सुरक्षा:* 5 वर्ष पूर्ण होने के आधार पर किसी भी समूह सखी को कार्य से न हटाया जाए और न ही उसका मानदेय बंद किया जाए। बिना उचित कारण, लिखित सूचना और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए सेवा/ID समाप्त न की जाए।
*2. सरकार से निश्चित मानदेय:* समूह सखियों को ग्राम संगठन/अन्य संस्था के माध्यम से मानदेय देने के बजाय सरकार अपने बजट से न्यूनतम 10,000 रुपये प्रतिमाह निश्चित मानदेय दे और इसका भुगतान प्रत्येक माह सीधे उनके बैंक खाते में DBT के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
*3. कार्य के अनुरूप पारिश्रमिक एवं यात्रा सुविधा:* मिशन अथवा अन्य सरकारी योजनाओं के अतिरिक्त कार्य लिए जाने पर उसके लिए अलग से उचित पारिश्रमिक/प्रोत्साहन दिया जाए तथा गांव-गांव फील्ड कार्य के लिए यात्रा भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
*4. स्पष्ट सेवा नियमावली एवं शिकायत निवारण:* समूह सखियों के लिए शासन स्तर से स्पष्ट सेवा नियमावली बनाई जाए, जिसमें कार्य, मानदेय, अवकाश, सेवा सुरक्षा एवं सेवा समाप्ति की प्रक्रिया निर्धारित हो तथा जिला/राज्य स्तर पर उनकी शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था हो।
*5. सामाजिक सुरक्षा एवं भविष्य की सुरक्षा:* कार्यरत समूह सखियों को मातृत्व अवकाश, दुर्घटना बीमा, चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान की जाएं तथा उनके अनुभव के आधार पर आगे के मिशन/ग्रामीण विकास कार्यों में अवसर एवं पदोन्नति की व्यवस्था की जाए।
*6. लंबित भुगतान एवं डिजिटल कार्यों की व्यवस्था:* समूह सखियों के लंबित मानदेय/प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान किया जाए तथा समूहों के बैंक खाते, पोर्टल एवं अन्य डिजिटल कार्यों में आवश्यक सुधार कर भुगतान एवं कार्य संचालन में अनावश्यक बाधाएं समाप्त की जाएं।
समिति की प्रदेश अध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, प्रदेश सचिव प्रियंका देवी, प्रदेश कोषाध्यक्ष कु. शिला और जिला अध्यक्ष पूनम गुप्ता ने मांग की है कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्णय लेते हुए आवश्यक शासनादेश जारी कर प्रदेश की समूह सखियों की सेवा, मानदेय एवं भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Sep 21, 2026