बदायूँ हर पल न्यूज़ (विशेष समाचार)
वर्ष: 2026 | दिनांक: 27 अगस्त 2026 |
स्थान: काठमांडू/नई दिल्ली | नेपाल में जलप्रलय: भूकंप के बाद भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़, 95 की मौत, 133 भारतीयों सहित 400 से अधिक पर्यटक लापता.
तिब्बत सीमा से सटे जिलों में मची भारी तबाही, 2015 के बाद देश की सबसे बड़ी त्रासदी.
कैलाश मानसरोवर जा रहे सैकड़ों श्रद्धालु फंसे, भारत ने मदद के लिए भेजे वायुसेना के C-17 विमान.
उत्तर प्रदेश और बिहार में गंडक नदी को लेकर हाई अलर्ट जारी, NDRF तैनात.
विशेष संवाददाता, काठमांडू: नेपाल और चीन (तिब्बत) सीमा पर बुधवार सुबह आए एक भूकंप के कारण हुए भारी भूस्खलन ने भोटेकोशी नदी का रास्ता रोक दिया। इसके बाद नदी का बांध टूटने से निचले इलाकों में ऐसा जलतांडव मचा कि देखते ही देखते दर्जनों गांव मलबे और पानी में समा गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्रलयकारी बाढ़ में अब तक 95 लोगों की जान जा चुकी है और यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के मुताबिक, रसुवागढ़ी और उसके आसपास के इलाकों से 133 भारतीय नागरिकों समेत करीब 400 ट्रेकर्स और विदेशी पर्यटक लापता हैं। इनमें से अधिकांश श्रद्धालु चीन की सीमा पार कर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले थे।
राहत और बचाव में जुटी सेना, 15 से अधिक हेलीकॉप्टर तैनात.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने स्थिति की समीक्षा के लिए तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाई। आपदा ग्रस्त रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में नेपाली सेना, स्काउट्स और रेड क्रॉस की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 114 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण हवाई रेस्क्यू में बाधा आ रही है।
चीन-नेपाल का लाइफलाइन ट्रेड रूट और 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तबाह.
बाढ़ के तेज बहाव के कारण टिमुरे बाजार, कस्टम कार्यालय और नेपाल-चीन व्यापार को जोड़ने वाली करीब 42 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह बह गई है। इसके अतिरिक्त, नदी किनारे स्थित कम से कम एक दर्जन जलविद्युत (हाइड्रोपावर) परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे देश के एक बड़े हिस्से में बिजली संकट गहरा गया है।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ: पीएम मोदी ने की बात.
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर इस दुख की घड़ी में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री और बचाव दलों को भेजने के लिए हिंडन और पालम एयरबेस पर अपने C-17 और C-130 मालवाहक विमानों को हाई अलर्ट पर रखा है।
प्रभावित मुख्य क्षेत्र:नुकसान का विवरण.
वर्तमान स्थिति
रसुवा जिला भोटेकोशी नदी के किनारे की बस्तियां बहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट.
सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.नुवाकोट व धाडिंगत्रिशूली नदी का जलस्तर बढ़ा, कई घर डूबेलोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गयानेपाल-चीन बॉर्डरट्रेड रूट ध्वस्त, सैकड़ों गाड़ियां और पुलिस चौकियां बहींसंचार नेटवर्क पूरी तरह ठपभारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ का खतरानेपाल में आई इस आपदा का असर भारतीय सीमाओं पर भी देखने को मिल रहा है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश में गंडक व त्रिशूली नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बिहार के पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर में एनडीआरएफ (NDRF) की 20 टीमें तैनात कर दी गई हैं।
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Budaun, Budaun | Aug 27, 2026