चित्रकूट जिले के पहाड़ी ब्लॉक के नदी किनारे बसे नहरा गांव में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कई परिवार राहत और मदद की आस लगाए बैठे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने उनके घर-गृहस्थी और रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब ग्रामीण सरकार से राहत सामग्री और जरूरी मदद की मांग कर रहे हैं।
वहीं समाजसेवी कुमकुम उपाध्याय भी ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सामने आए हैं और बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने तथा सरकार से मदद दिलाने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब बाढ़ का पानी आता है, तब उनकी सुध कौन लेगा? उनका आरोप है कि चुनाव के समय नेता और जनप्रतिनिधि गांव-गांव दिखाई देते हैं, लेकिन आपदा के समय ग्रामीण खुद को अकेला महसूस करते हैं।
अब देखना होगा कि नहरा गांव के बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रशासन और सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।