🚨विकास के साथ विरासत का संरक्षण, आदर्श चम्पावत को नई पहचान देने पर जोर: सीएम धामी
टनकपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में प्रतिभाग किया और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से है। सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ प्रदेश की विरासत और आध्यात्मिक पहचान को भी संरक्षित एवं मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आदर्श चम्पावत’ के संकल्प के तहत जिले की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीएम धामी ने बताया कि टनकपुर में करीब 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण, शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार और विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर करीब 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में धार्मिक पर्यटन के साथ सड़क, परिवहन, पर्यटन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स हॉस्टल टनकपुर के खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद कैंप कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में आमजन से सीधा संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। चम्पावत में विकास की गति के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत की गरिमा बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Dehradun, Dehradun | Oct 3, 2026