कहरा: वनगांव की 17वीं सदी से मनाई जाने वाली घुमौर होली, हर जाति-संप्रदाय के लोग प्रेम से खेलते हैं
वनगांव के प्रसिद्ध संत लक्ष्मीनाथ गोसाईं के द्वारा स्थापित परंपरा के अनुरूप अभूतपूर्व घुमौर होली खेली जाती है गांव के भगवती स्थान में हिंदू, मुस्लिम,बच्चा,बूढ़ा व जवान एक जगह जमा होकर हुड़दंग होली खेलते है और पूरे भारतवर्ष में आपसी भाईचारा व साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश देता है