मुंबई से दबोचे गए जितेंद्र हत्याकांड के आरोपी, झज्जर पुलिस की सटीक जांच और कड़ी मेहनत से मिली बड़ी सफलता
पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देशन में सीआईए-2 बहादुरगढ़ की कार्रवाई, एक नाबालिग सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान में हत्या के मामले में वांछित नाबालिग और विशाल पर था 25-25 हजार रुपये का इनाम, झज्जर पुलिस ने दोनों को दबोचा
झज्जर, गौरव गर्ग।पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में झज्जर पुलिस ने जितेंद्र हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार की गई मेहनत के चलते हत्या के बाद मुंबई में छिपे आरोपियों को खोज निकालकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉक्टर राजश्री सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि 2/3 जून 2026 की मध्यरात्रि को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि गांव डिघल निवासी जितेंद्र को गोली मार दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां जितेंद्र मृत अवस्था में पड़ा मिला। मामले में मृतक के भाई सोमवीर निवासी डिघल ने शिकायत देकर बताया कि रात करीब 12 बजे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखने पर उसका बड़ा भाई जितेंद्र, जो मकान के बाहर बने कमरे में सो रहा था, गोली लगने के कारण मृत मिला। शिकायतकर्ता ने गांव के ही एक व्यक्ति एवं उसके साथियों पर संदेह व्यक्त किया। जिस शिकायत के आधार पर थाना दुजाना में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया। सीआईए-2 बहादुरगढ़ प्रभारी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचनाओं तथा वैज्ञानिक जांच के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया।कड़ी मेहनत और सटीक अनुसंधान के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपांशु उर्फ डाबोदिया निवासी डाबोदा खुर्द तथा विशाल उर्फ हनुमानगढ़िया निवासी गांव कलाना, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई भाग गए थे, जहां वे लगातार अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे। बावजूद इसके झज्जर पुलिस ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और अंततः उन्हें दबोच लिया।जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी विशाल उर्फ हनुमानगढ़िया के विरुद्ध हरियाणा एवं राजस्थान में हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार रखने तथा संगठित अपराध से जुड़े छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी दीपांशु उर्फ डाबोदिया के खिलाफ भी हत्या सहित अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीसरे नाबालिग आरोपी पर भी राजस्थान और हरियाणा में गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्तता पाई गई है।विशेष बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी विशाल उर्फ हनुमानगढ़िया तथा नाबालिग आरोपी राजस्थान के एक हत्या के मामले में वांछित चल रहे थे, जिन पर राजस्थान पुलिस द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। झज्जर पुलिस की प्रभावी कार्रवाई के चलते दोनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है।पुलिस ने नाबालिग आरोपी को न्यायालय में पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया है, जबकि दीपांशु और विशाल को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान हत्या की साजिश, हथियारों की व्यवस्था तथा अन्य संभावित सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है।इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि झज्जर पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व में जिले में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है, जिससे कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है।