“उत्तराखंड की राजनीति में मुझसे वरिष्ठ कोई नहीं!” हरक सिंह का बड़ा दावा—कहा, मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक कई नेता मेरे चेले रहे हैं!
उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर हरक सिंह रावत के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अपने लंबे राजनीतिक सफर और सियासी अनुभव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उत्तराखंड की राजनीति में वरिष्ठता के लिहाज से उनका कद सबसे ऊंचा है। उन्होंने यहां तक कहा कि अलग-अलग दौर में उनके साथ रहे कई नेता आज मंत्री, विधायक और यहां तक कि मुख्यमंत्री तक के पद पर पहुंच चुके हैं।
हरक सिंह ने कई नेताओं का जिक्र करते हुए उन्हें अपना राजनीतिक शिष्य यानी “चेला” बताया। उन्होंने धन सिंह रावत, राम सिंह केड़ा, भरत चौधरी समेत कई नेताओं का नाम लिया।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को उन्होंने अपना छोटा भाई बताया। हरक सिंह ने कहा कि गोदियाल 2002 में राजनीति में आए और आज कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को लेकर भी बड़ा दावा किया। हरक सिंह के मुताबिक, निशंक को पहली बार टिकट दिलाने और चुनाव लड़वाने में उनकी अहम भूमिका रही थी।
एनडी तिवारी सरकार के दौर से लेकर उत्तर प्रदेश में मंत्री बनने तक के अपने राजनीतिक सफर का हवाला देते हुए हरक सिंह ने कहा कि वरिष्ठता और राजनीतिक अनुभव के मामले में वह उत्तराखंड के सबसे पुराने नेताओं में शामिल हैं।
अब हरक सिंह का यह दावा सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ रहा है—
क्या वाकई उत्तराखंड की राजनीति में “गुरु” हरक सिंह रावत का सियासी कद सबसे बड़ा है
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