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बालाघाट: #corona #fact #lockdown4 #lockdown #बॉलीवुड #SINGFROMHOME #बॉलीवुड

Balaghat, Balaghat | May 28, 2020

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#बालाघाट 
गांव-गांव घूमकर अवैध धान बीज बेचने वालों पर कार्रवाई

बैहर थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

      किसानों को अवैध रूप से धान बीज बेचने और धोखाधड़ी करने के मामले में कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों के विरुद्ध बैहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

     अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं बीज निरीक्षक बैहर श्री एस.आर. धुर्वे ने बताया कि भिकेवाड़ा निवासी सानू पटले, भंडेरी निवासी पलक बिसेन तथा भोरवाही निवासी कुंजेलाल हिरवाने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 07 जून 2026 को बैहर थाने में मामला दर्ज कराया गया है।

     जानकारी के अनुसार कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर सानू पटले एवं उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि पलक बिसेन, कुंजेलाल हिरवाने के वाहन क्रमांक एमपी-50-जेडजी-6496 के माध्यम से भंडेरी, गोहारा, कासीटोला सहित विभिन्न गांवों में घूम-घूमकर विभिन्न कंपनियों के धान बीज का अवैध विक्रय कर रहे थे। कृषि विभाग को इसकी सूचना मिलने पर 01 जून 2026 को मंडेरी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन एवं धान बीज को जब्त कर लिया गया था।

     जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के किसानों को धान बीज बेचा जा रहा था, जिससे किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।

     कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें तथा बीज खरीदते समय पक्का बिल एवं आवश्यक दस्तावेज अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध बीज बिक्री की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#minmpkrishi

#बालाघाट गांव-गांव घूमकर अवैध धान बीज बेचने वालों पर कार्रवाई बैहर थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किसानों को अवैध रूप से धान बीज बेचने और धोखाधड़ी करने के मामले में कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों के विरुद्ध बैहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं बीज निरीक्षक बैहर श्री एस.आर. धुर्वे ने बताया कि भिकेवाड़ा निवासी सानू पटले, भंडेरी निवासी पलक बिसेन तथा भोरवाही निवासी कुंजेलाल हिरवाने के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 07 जून 2026 को बैहर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। जानकारी के अनुसार कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर सानू पटले एवं उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि पलक बिसेन, कुंजेलाल हिरवाने के वाहन क्रमांक एमपी-50-जेडजी-6496 के माध्यम से भंडेरी, गोहारा, कासीटोला सहित विभिन्न गांवों में घूम-घूमकर विभिन्न कंपनियों के धान बीज का अवैध विक्रय कर रहे थे। कृषि विभाग को इसकी सूचना मिलने पर 01 जून 2026 को मंडेरी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन एवं धान बीज को जब्त कर लिया गया था। जांच में पाया गया कि बिना वैध अनुमति एवं आवश्यक दस्तावेजों के किसानों को धान बीज बेचा जा रहा था, जिससे किसानों के साथ धोखाधड़ी होने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज खरीदें तथा बीज खरीदते समय पक्का बिल एवं आवश्यक दस्तावेज अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध बीज बिक्री की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

#बालाघाट 
धान की सीधी बुवाई एवं खेत बचाओ अभियान के तहत कृषक चौपाल आयोजित

बीजामृत उपचार के साथ सुपर सीडर से की गई डीएसआर तकनीक द्वारा धान की बुवाई,

 किसानों को प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी

      कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ खेती की तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामों में जागरूकता एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 06 जून 2026 को विकासखंड के ग्राम चिल्लौद में किसान श्रीमती संध्या भुतेकर के खेत पर डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान धान के बीज को प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण तकनीक बीजामृत से उपचारित किया गया। इसके पश्चात सुपर सीडर मशीन की सहायता से धान की उन्नत किस्म जेआर-81 की बुवाई हरी खाद फसल ढैंचा के साथ एक एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक की गई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक धान उत्पादन की एक आधुनिक एवं जल संरक्षण आधारित पद्धति है, जिससे श्रम, समय और लागत में कमी आती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है।

     कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि धान के साथ ढैंचा की बुवाई करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। ढैंचा एक उत्कृष्ट हरी खाद फसल है, जो मिट्टी में जैविक तत्वों एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर फसल को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है और भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है।

      इसी दिन खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम चांगोटोला में कृषक चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक खेती संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में किसानों के साथ नरवाई प्रबंधन, डीएसआर तकनीक, हरी खाद के रूप में ढैंचा का उपयोग, खरपतवार प्रबंधन तथा एजोला के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

      कृषि अधिकारियों ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका वैज्ञानिक प्रबंधन करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है। किसानों को एजोला के उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह जैविक नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है, जो धान की खेती में पोषक तत्वों की पूर्ति कर उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है।

      चौपाल में उपस्थित किसानों ने कृषि विभाग द्वारा दी जा रही तकनीकी जानकारी और प्रदर्शन कार्यक्रमों की सराहना करते हुए इन नवाचारों को अपनाने की इच्छा व्यक्त की। कृषि विभाग ने किसानों से प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाकर लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।

     इस प्रकार आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP
#minmpkrishi

#बालाघाट धान की सीधी बुवाई एवं खेत बचाओ अभियान के तहत कृषक चौपाल आयोजित बीजामृत उपचार के साथ सुपर सीडर से की गई डीएसआर तकनीक द्वारा धान की बुवाई, किसानों को प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी कृषि विभाग द्वारा किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ खेती की तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामों में जागरूकता एवं प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज 06 जून 2026 को विकासखंड के ग्राम चिल्लौद में किसान श्रीमती संध्या भुतेकर के खेत पर डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान धान के बीज को प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण तकनीक बीजामृत से उपचारित किया गया। इसके पश्चात सुपर सीडर मशीन की सहायता से धान की उन्नत किस्म जेआर-81 की बुवाई हरी खाद फसल ढैंचा के साथ एक एकड़ भूमि में सफलतापूर्वक की गई। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि डीएसआर तकनीक धान उत्पादन की एक आधुनिक एवं जल संरक्षण आधारित पद्धति है, जिससे श्रम, समय और लागत में कमी आती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि धान के साथ ढैंचा की बुवाई करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। ढैंचा एक उत्कृष्ट हरी खाद फसल है, जो मिट्टी में जैविक तत्वों एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर फसल को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है और भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है। इसी दिन खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत ग्राम चांगोटोला में कृषक चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक खेती संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में किसानों के साथ नरवाई प्रबंधन, डीएसआर तकनीक, हरी खाद के रूप में ढैंचा का उपयोग, खरपतवार प्रबंधन तथा एजोला के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका वैज्ञानिक प्रबंधन करने से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है। किसानों को एजोला के उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह जैविक नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है, जो धान की खेती में पोषक तत्वों की पूर्ति कर उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है। चौपाल में उपस्थित किसानों ने कृषि विभाग द्वारा दी जा रही तकनीकी जानकारी और प्रदर्शन कार्यक्रमों की सराहना करते हुए इन नवाचारों को अपनाने की इच्छा व्यक्त की। कृषि विभाग ने किसानों से प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाकर लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया। इस प्रकार आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #minmpkrishi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 7, 2026

मुख्यमंत्री होने के नाते ज्यादा बोल नहीं सकता लेकिन मौसम बदल रहा है ना?: CM Suvendu Adhikari

मुख्यमंत्री होने के नाते ज्यादा बोल नहीं सकता लेकिन मौसम बदल रहा है ना?: CM Suvendu Adhikari

Balaghat, Balaghat | Jun 7, 2026