वीआईपी रोड की दुर्दशा पर प्रशासन मौन!
रेलवे फाटक, मेडिकल कॉलेज से दिल्ली पुल तक हर सफर बना खतरा!
सिरसा।
शहर की सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी मानी जाने वाली सड़क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मानो आंखें मूंदे बैठे हैं। डबवाली रोड से हिसार रोड स्थित दिल्ली पुल तक जाने वाला मिनी बाईपास, जहां चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज, कई नामी शिक्षण संस्थान तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री, पूर्व बिजली मंत्री सहित अनेक प्रभावशाली लोगों के आवास स्थित हैं, उसकी हालत किसी ग्रामीण कच्चे रास्ते से भी बदतर हो चुकी है।
करीब दो वर्ष पहले निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के समीप से रेलवे फाटक तक सड़क के एक हिस्से को सीवरेज लाइन डालने के लिए उखाड़ा गया था। काम तो पूरा हो गया, लेकिन सड़क आज तक अपनी बदहाल स्थिति में ही पड़ी है। आधी सड़क उखड़ी होने के कारण यहां रोजाना हजारों वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की नींद अब तक नहीं टूटी।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इसी मार्ग से दिन में कई बार गुजरते हैं। ऐसे में यह मानना मुश्किल है कि उन्हें सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। लोगों का कहना है कि शायद अधिकारी इस सड़क से गुजरते समय आंखें बंद कर लेते हैं, तभी दो वर्षों से उन्हें यह बदहाली नजर नहीं आ रही।
हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सिरसा दौरा भी हुआ। आमतौर पर मुख्यमंत्री के आगमन से पहले प्रशासन सड़कें चमकाने और व्यवस्थाएं सुधारने में जुट जाता है, लेकिन इस बार इस वीआईपी सड़क की ओर किसी ने पलटकर भी नहीं देखा। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या अब स्थानीय प्रशासन को मुख्यमंत्री तक का भय भी नहीं रहा? मुख्यमंत्री सिरसा जिला के प्रभारी मंत्री भी हैं। उसके बावजूद हालात आप स्वयं देख सकते हैं।
रात के समय यह मार्ग और भी खतरनाक बन जाता है। अधिकांश हिस्से में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं या पर्याप्त रोशनी नहीं है। अंधेरे में उखड़ी सड़क और गहरे गड्ढे किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। सड़क के बीच नहर पर बने डिवाइडर के किनारों पर भी कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जो वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर रहे हैं। शहर की यह सड़क केवल वीआईपी आवागमन का मार्ग ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय, निर्माणधीन मेडिकल कॉलेज और कई शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी है। इसके बावजूद दो वर्षों से सड़क की मरम्मत न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है या फिर जनता की पीड़ा सुनते हुए इस सड़क की तत्काल मरम्मत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और गड्ढों को भरवाने की दिशा में ठोस कदम उठाता है।
Sirsa, Sirsa | Aug 6, 2026