भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न विषयों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
सीतामढ़ी जिले में भारत-नेपाल सीमा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को लेकर आज जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में एनआईसी कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीमा क्षेत्र की सुरक्षा, तस्करी की रोकथाम, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों की प्रगति सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में एसएसबी की 20वीं एवं 51वीं बटालियन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। एसएसबी द्वारा वॉच टावर निर्माण एवं अन्य कार्यों के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भारत-नेपाल सीमा पर घोषित नो-मैन्स लैंड में शेष बचे अतिक्रमण को हटाने, जाली भारतीय मुद्रा के प्रचलन पर रोक लगाने, साइबर फ्रॉड एवं अवैध दूरसंचार से जुड़े मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सीमा क्षेत्र में ट्रकों के नियमित आवागमन की जांच, वाहन चालकों के निर्गत अनुज्ञप्तियों का सत्यापन, आधार कार्ड की जांच तथा जीएसटी नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में दवा दुकानों, पीडीएस दुकानों एवं लाभुकों, उर्वरक के थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा बैंकों में स्थापित सीएमडी मशीनों आदि की जांच नियमित रूप से कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अवैध गतिविधि की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में म्यूल बैंक खातों के माध्यम से होने वाले वित्तीय अपराधों तथा फर्जी कंपनियों के संचालन से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने ऐसे मामलों की गहन जांच कर दोषी तत्वों की पहचान करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाने पर जोर दिया।
सीमावर्ती जिले में चिन्हित वाइब्रेंट विलेज में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में भी जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों में विकास कार्यों के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को भी प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में सीमावर्ती प्रखंडों की सुरक्षा व्यवस्था, तस्करी की रोकथाम, मानव तस्करी, पशु तस्करी तथा अन्य अवैध गतिविधियों की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता बरतें। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को नियमित गश्ती बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने तथा आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयास से ही सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं विकास को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता एवं तत्परता के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया।
बैठक में एसएसबी के पदाधिकारियों के अलावा पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
Dumra, Sitamarhi | Sep 12, 2026