जिला पदाधिकारी ने पेयजल, खरीफ फसल एवं सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा की; सभी संबंधित विभागों को समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश
जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जहानाबाद छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेयजल उपलब्धता, खरीफ फसल की बुआई तथा सिंचाई (पटवन) व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त उपस्थित रहे तथा बैठक का संचालन सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी द्वारा किया गया।
समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 57.9 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद किसानों एवं कृषि विभाग के समन्वित प्रयासों से 65.29 प्रतिशत धान की रोपाई पूर्ण हो चुकी है। आवश्यकता की दृष्टि से 100 क्विंटल डीएसआर राइस (सीधी बुआई हेतु धान बीज) भी उपलब्ध है।
उदेरास्थान सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने नदियों में जलस्तर कम होने की जानकारी दी, जिस पर जिला पदाधिकारी ने सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 08 अगस्त तक सामान्य वर्षा की संभावना कम है।
जिले में वर्षा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल को निर्देश दिया कि राज्य स्तर से अतिरिक्त ट्रांसफार्मर प्राप्त होते ही उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थापित किया जाए, ताकि कृषि कार्यों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही, शेष बंद पड़े सरकारी नलकूपों को शीघ्र निविदा प्रकाशित कर चालू करने के संबंध में लघु सिंचाई विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था की नियमित निगरानी, समस्याओं की त्वरित रिपोर्टिंग तथा समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, विद्युत विभाग, सिंचाई प्रमंडल (उदेरास्थान, जहानाबाद एवं घोषी) के कार्यपालक अभियंता तथा जिले के सभी अंचल अधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। :::**