➡️ पीएम आरोह मासिक ओपीडी में 308 सिकल सेल मरीजों का फॉलो-अप
➡️ 148 सिकल सेल डिसीज मरीजों को मिला आवश्यक उपचार
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन–2047 के अंतर्गत बैतूल जिले में शुरू की गई पीएम मासिक सिकल सेल ओपीडी के माध्यम से सिकल सेल मरीजों की निरंतर स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत किया जा रहा है।
पीएम आरोह मासिक ओपीडी के दौरान जिले के सभी ब्लॉकों में 308 सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित मरीज फॉलो-अप एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचे, जिनमें 148 सिकल सेल डिसीज मरीज शामिल थे। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। जरूरतमंद मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार आगे की चिकित्सा सुविधा से भी जोड़ा गया।
➡️ जिला चिकित्सालय में 31 सिकल सेल मरीजों का फॉलो-अप
जिला चिकित्सालय बैतूल में पीएम आरोह मासिक ओपीडी के दौरान डॉ. सुरेंद्र कुशवाह, डॉ. अभिनव मालवीय, सीएचओ श्रीमती नमिता उपराले एवं एपीएम श्री प्रकाश मकोड़े द्वारा 31 सिकल सेल डिसीज मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं फॉलो-अप किया गया। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का चिकित्सकीय मूल्यांकन करते हुए आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इनमें से 3 मरीजों को चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार रक्त चढ़ाया गया, जिससे उन्हें समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सका।
➡️ घोड़ाडोंगरी में जागरूकता रैली और गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल
घोड़ाडोंगरी में बीएमओ डॉ. रवि अधिकारी के नेतृत्व में सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से लोगों को सिकल सेल की नियमित जांच, उपचार एवं फॉलो-अप के प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता कोरी द्वारा सिकल सेल से प्रभावित गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श किया गया। आवश्यकता के अनुसार दो गर्भवती महिलाओं को घोड़ाडोंगरी में रक्त चढ़ाया गया, जिससे उन्हें समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सका। लैब टेक्नीशियन श्रीमती गीता वाडिवा ने लोगों को विवाह पूर्व सिकल सेल जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी और सिकल सेल की स्थिति के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
➡️ भीमपुर में जागरूकता सभा
भीमपुर बीएमओ डॉ. पंकज द्वारा सिकल सेल एनीमिया को लेकर जागरूकता सभा आयोजित की गई। ग्रामीणों को सिकल सेल रोग, नियमित फॉलो-अप, उपचार एवं स्वास्थ्य निगरानी के महत्व के बारे में समझाइश दी गई।
➡️ आठनेर में गंभीर स्थिति वाले बच्चे की समय पर पहचान
आठनेर में डॉ. कौशल द्वारा पीएम आरोह ओपीडी के दौरान एक सिकल सेल डिसीस से प्रभावित बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। बच्चे का हीमोग्लोबिन स्तर 3.5 g/dL पाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को तत्काल आवश्यक उच्च स्तरीय उपचार के लिए जिला चिकित्सालय बैतूल रेफर किया गया।
नोडल अधिकारी–सिकल सेल एनीमिया कार्यक्रम, बैतूल डॉ. अंकिता सीते ने बताया कि सिकल सेल मरीजों के लिए केवल स्क्रीनिंग एवं निदान पर्याप्त नहीं है। मरीज की पहचान के बाद नियमित फॉलो-अप, समय पर जांच, उपचार, दवा, पोषण, गर्भावस्था के दौरान विशेष निगरानी तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर रेफरल निरंतर स्वास्थ्य देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि पीएम आरोह मासिक ओपीडी के माध्यम से जिले के सभी ब्लॉकों में सिकल सेल मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की समय पर निगरानी हो सके और किसी भी जटिलता की पहचान होने पर तत्काल आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि पीएम आरोह का उद्देश्य सिकल सेल मरीज को स्क्रीनिंग के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था से अलग नहीं होने देना, बल्कि नियमित फॉलो-अप के माध्यम से उसे निरंतर देखभाल से जोड़ना है।
Jansampark Madhya Pradesh
Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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11 views | Betul, Madhya Pradesh | Sep 18, 2026