सुजानपुर में कांग्रेस का झंडा, भाजपा की हार! आशा वर्कर बनी अध्यक्ष, टैक्सी ड्राइवर बने उपाध्यक्ष
संवाददाता , हमीरपुर:
सुजानपुर नगर परिषद में कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को करारी शिकस्त दी है। कांग्रेस ने न केवल अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कब्जा जमाया, बल्कि अपनी रणनीति के दम पर भाजपा के गढ़ में सेंध लगाकर सियासी भूचाल ला दिया। इस जीत ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की मजबूती को और बढ़ा दिया है, वहीं सुजानपुर विधायक कैप्टन रणजीत सिंह को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संजीवनी मिली है।
कांग्रेस ने आदमी को सत्ता सौंपने की अपनी प्रतिबद्धता को साबित करते हुए वार्ड नंबर-7 से पार्षद नीलम धीमान को अध्यक्ष और वार्ड नंबर-4 से पार्षद विनय सयाल को उपाध्यक्ष चुना। विशेष बात यह है कि नीलम धीमान एक आशा वर्कर हैं, जबकि विनय सयाल टैक्सी चालक हैं। यह जीत समाज के उस वर्ग का सम्मान है जो जमीनी स्तर पर जनता की सेवा करता है।
*विधायक बोले- यह कांग्रेस की एकजुटता की जीत*
विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा, "आज के परिणामों ने साबित कर दिया है कि सुजानपुर में कांग्रेस एकजुट है और जनता का विश्वास हमारे साथ है।" उन्होंने कहा कि आशा वर्कर और टैक्सी चालक का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से इतिहास में पहली बार आशा वर्करों के मानदेय में 1000 रुपए की वृद्धि हुई है।
*भाजपा में गुटबाजी, कांग्रेस ने भुनाया मौका*
इस चुनावी मुकाबले में भाजपा की गुटबाजी एक बार फिर सामने आई, जिसका पूरा फायदा कांग्रेस ने उठाया। जिस दिन चुनाव परिणाम आए, उसी रात जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती शर्मा ने अपनी विसात बिछा दी और आजाद प्रत्याशियों को कांग्रेस में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर उनका समर्थन हासिल किया। इस कुशल रणनीति के चलते कांग्रेस ने नगर परिषद में अपना कब्जा मजबूत कर लिया।
विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सुजानपुर में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं में अभूतपूर्व विकास किया है। आने वाले समय में नगर परिषद और प्रदेश सरकार मिलकर शहर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। इस अवसर पर कुलदीप पठानिया, नरेश ठाकुर, राजिंदर वर्मा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।