बारिश के बाद बिजली के खंभों में दौड़ा करंट, दूसरे दिन भी गौवंश की मौत
मक्कासर में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, विद्युत विभाग ने दो दिन में सभी खंभे दुरुस्त करने का दिया आश्वासन
हनुमानगढ़। निकटवर्ती गांव मक्कासर में बारिश के बाद बिजली के खंभों में करंट आने से लगातार दूसरे दिन भी गौवंश की मौत होने का मामला सामने आया है। मंगलवार को तीन गौवंश बिजली के करंट की चपेट में आ गए, जिनमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों और गौसेवकों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने विद्युत विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए लापरवाही का आरोप लगाया।
ग्रामीण एवं गौसेवक विजय जांगिड़ और भगवती प्रसाद गर्ग ने बताया कि सोमवार को हुई बारिश के बाद गांव में कई बिजली के खंभों में करंट प्रवाहित होने लगा था। उसी दिन एक गौवंश खंभे के संपर्क में आने से उसकी मौत हो गई थी। घटना की सूचना तत्काल विद्युत विभाग को दी गई, लेकिन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसका परिणाम यह रहा कि मंगलवार को गांव के दूसरे स्थान पर फिर तीन गौवंश करंट की चपेट में आ गए। इनमें दो गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया, जिसका ग्रामीणों ने उपचार करवाया।
ग्रामीणों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गौवंश की जगह कोई बच्चा, महिला या बुजुर्ग करंट की चपेट में आ जाता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण लोगों की जान खतरे में बनी हुई है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
घटना की सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों के विरोध के बीच विद्युत विभाग के सहायक अभियंता (एईएन) एवं कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) मौके पर पहुंचे। चूंकि एईएन का हाल ही में हनुमानगढ़ में पदस्थापन हुआ है, इसलिए ग्रामीणों ने उनके समक्ष अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। एईएन ने मौके पर ही आश्वासन दिया कि आगामी दो दिनों के भीतर गांव के सभी बिजली के खंभों की जांच कर आवश्यक मरम्मत करवाई जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।
एईएन ने ग्रामीणों से यह भी कहा कि यदि शहर या गांव में विद्युत विभाग से संबंधित कोई भी समस्या सामने आती है तो वे सीधे उनसे संपर्क करें, उसका त्वरित समाधान कराया जाएगा। उन्होंने गौमाता के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मृत गौवंश के अंतिम क्रियाकर्म का समस्त खर्च स्वयं वहन करने की जिम्मेदारी भी ली।
ग्रामीणों ने विभाग से मांग की कि पूरे क्षेत्र में बिजली के खंभों और अर्थिंग व्यवस्था की व्यापक जांच कराई जाए, ताकि इंसानों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके तथा भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Hanumangarh, Hanumangarh | Jul 14, 2026