
हरियाणा सरकार द्वारा कक्षा आठवीं के पाठ्यक्रम में सिख गुरु साहिबानों के इतिहास को शामिल करने का स्वागत
हरियाणा सरकार द्वारा कक्षा आठवीं के पाठ्यक्रम में सिख गुरु साहिबानों के इतिहास, शिक्षाओं और बलिदानों पर आधारित एक समर्पित अध्याय शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए डॉ. अरविंदर सिंह भल्ला, प्राचार्य, गुरु नानक खालसा कॉलेज, यमुनानगर ने इसे विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
डॉ. भल्ला ने कहा कि सिख गुरु साहिबानों ने केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय जीवन के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गुरु नानक देव जी द्वारा मानवता, समानता और भाईचारे का दिया गया संदेश तथा गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के अद्वितीय बलिदान भारतीय इतिहास के अमूल्य अध्याय हैं। बाबा बंदा सिंह बहादुर का संघर्ष भी न्याय, साहस और जनकल्याण के उच्च आदर्शों का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इन महान विभूतियों के जीवन, शिक्षाओं और योगदान से परिचित कराना समय की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय चेतना तथा मानवीय संवेदनाओं का विकास होगा। साथ ही वे भारत की बहुलतावादी परंपरा और धार्मिक स्वतंत्रता के महत्व को भी बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
डॉ. भल्ला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पाठ्यक्रम में सिख इतिहास को समुचित स्थान देना ऐतिहासिक तथ्यों के संतुलित प्रस्तुतीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय विद्यार्थियों को प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के जीवन से जोड़ने के साथ साथ समाज में आपसी सम्मान, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पहल विद्यार्थियों को सिख गुरु साहिबानों की कालजयी शिक्षाओं से प्रेरणा लेने तथा मानवता, सेवा, त्याग और न्याय के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।