
शिक्षकों का घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन दूसरे दिन भी जारी
जहानाबाद। बिहार राज्य शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर चल रहे घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन का दूसरा दिन भी जारी रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय कुमार ने की, जबकि संचालन सत्येंद्र कुमार, दानिश अकबर अली एवं शंभू कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
धरना स्थल पर समर्थन देने पहुंचे भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र कुमार तथा पूर्व जिला सचिव रामाधार सिंह ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान में सरकार अपेक्षित पहल नहीं कर रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, समान स्कूल प्रणाली लागू करने तथा शिक्षकों की लंबित मांगों का शीघ्र निपटारा करने की आवश्यकता बताई। साथ ही शिक्षकों की 27 सूत्री मांगों को जायज बताते हुए उन्हें जल्द पूरा करने की मांग की।
मोर्चा से जुड़े नेताओं ने आरोप लगाया कि कई शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं लंबे समय से कार्यालय में लंबित रहने के बाद बिना स्पष्ट कारण वापस की जा रही हैं। इसके अलावा बकाया वेतन भुगतान, प्रधान शिक्षकों को वेतन संरक्षण का लाभ, विशिष्ट शिक्षकों को पदोन्नति तथा नियोजित शिक्षकों की समयबद्ध प्रोन्नति जैसे मामलों में भी विभागीय आदेशों का समुचित अनुपालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए समझौतों के अनुरूप मांगों का निष्पादन नहीं होना शिक्षकों में असंतोष का कारण बना हुआ है।
वक्ताओं ने शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्यालय निरीक्षण और अन्य प्रशासनिक कार्यों में निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस दौरान शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जहानाबाद जिला अतिथि गृह में खनिज एवं भूतत्व विभाग तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं स्थापना शाखा से जुड़े मामलों पर भी अपना पक्ष रखा।
धरना में शामिल शिक्षकों और शिक्षक नेताओं ने कहा कि 27 सूत्री मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांगों के शीघ्र निष्पादन की अपील करते हुए संघर्ष को आगे भी जारी रखने का संकल्प दोहराया।