बहराइच में स्वास्थ्य विभाग के 'रहमोकरम' पर चल रहा वर्मा अल्ट्रासाउंड मरीजों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। हॉस्पिटल चौराहे से लेकर हर स्वास्थ्य केंद्र के मुहाने पर पैर पसारे इस सेंटर पर तीमारदारों के शोषण और बदतमीजी का खुला खेल चल रहा है।
₹400 की 'इमरजेंसी' अवैध वसूली: अगर जेब में 400 रुपये एक्स्ट्रा हैं, तभी तुरंत जांच होगी। वरना तड़पते मरीज को 5 से 6 घंटे लाइन में लगकर और बीमार होने के लिए मजबूर किया जाता है।
वर्मा अल्ट्रासाउंड के स्टाफ द्वारा तीमारदारों से आए दिन हाथापाई और अभद्रता की खबरें आती हैं, लेकिन ऊंची पहुंच के कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
मौन बैठा स्वास्थ्य विभाग: जनता की शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया जाता है। आखिर बहराइच स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन क्यों हैं? क्या इस मनमानी कमाई का हिस्सा ऊपर तक जा रहा है?
भीड़ और मजबूरी का फायदा उठाकर करोड़ों की चांदी काट रहे इस अल्ट्रासाउंड सेंटर पर क्या कभी बहराइच प्रशासन का हंटर चलेगा, या गरीब ऐसे ही सिस्टम के हाथों लुटता रहेगा?