
#गुना - ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक क्रांतिः गुना में "स्मार्ट मीटरिंग" कार्य में आई तेजी, उपभोक्ताओं को मिलेंगे कई बड़े लाभ
मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Power) की महत्वाकांक्षी आरडीएसएस (RDSS) योजना के अंतर्गत गुना जिले में स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य को और गति दे दी गई है। 'मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में अभी तक लगभग 12 लाख स्मार्ट मीटर की स्थापना हो चुकी है। बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस मुहिम से आम जनता को कई अभूतपूर्व लाभ मिलने जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए सकारात्मक एवं आर्थिक लाभ
सटीक और पारदर्शी बिलिंगः नए स्मार्ट मीटरों के आने से 'अनुमानित बिल' (Provisional Billing) की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी। अव बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के बिल्कुल सटीक और वास्तविक खपत का बिल जेनरेट होगा।
"ऑफ-पीक आवर्स' में 20% की बड़ी बचतः उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक (Off-Peak Hours) बिजली का उपयोग करने पर ऊर्जा शुल्क (Energy Charge) में 20% तक की विशेष छूट मिलेगी, जिससे मासिक बिल में सीधी गिरावट आएगी।
"UPAY' ऐप से लाइव मॉनिटरिंगः उपभोक्ता अपने मोबाइल पर 'UPAY' ऐप के जरिए प्रतिदिन और प्रति घंटे की विजली खपत को खुद ट्रैक कर सकते हैं, जिससे वे अपनी जरूरत के अनुसार बिजली की बचत की योजना बना सकते हैं।
आंतरिक वायरिंग में खराबी की पहचानः यदि घर या परिसर की आंतरिक बायरिंग में कोई खराबी या करंट लीकेज है, तो स्मार्ट मीटर तुरंत इसकी पहचान करने में मदद करेगा, जिससे अप्रत्याशित बिजली बिल और हादसों से बचाव होगा। सोलर रूफटॉप पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं सोलर रूफटॉप पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं के लिए अलग से किसी भी प्रकार का स्मार्ट मीटर चार्ज नहीं लियाजाएगा।
विद्युत विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। शून्य त्रुटि (Zero Error) प्रणाली: ऑटोमैटिक और निर्वाध रीडिंग सुनिश्चित करने के लिए एडवांस्ड कम्युनिकेशन गेटवे (Gateways) और आई.एम.जी. (I.M.G.) डिवाइसेस को स्थापित किया गया है, जिससे बिलिंग में मानवीय या लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
"समानांतर मीटर जांच (Parallel Testing) से साबित हुई सटीकताः विद्युत विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि पूर्व में जोन कार्यालय में स्मार्ट मीटर के तेज चलने की कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर के साथ ही एक सामान्य (नॉन-स्मार्ट) मीटर को 'चेक मीटर' के रूप में समानांतर (Parallel) कनेक्ट किया गया। जांच के दौरान दोनों मीटरों की रीडिंग बिल्कुल समान (Same) पाई गई, जिससे मीटर के तेज चलने का भ्रम पूरी तरह दूर हो गया है। उपभोक्ता चाहें तो इस जांच की विस्तृत रिपोर्ट 'जीएम कार्यालय' (GM Office) से अपनी शिकायत पर प्राप्त भी कर सकते हैं।
'ऑन-स्पॉट समाधान शिविर विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में लगातार विशेष शिविर (Camps) आयोजित किए जा रहे हैं, जहां डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली लाइव समझाई जा रही है और उनकी शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है।
जनता से अपील
विद्युत विभाग गुना के सभी सम्मानित उपभोक्ताओं से अपील करता है कि इस आधुनिक और तकनीकी बदलाव में अपना सहयोग प्रदान करें। स्मार्ट मीटर न केवल आपके परिवार के बजट को नियंत्रित करने में मददगार है, बल्कि यह ऊर्जा की बर्बादी को रोककर देश और प्रदेश की उन्नति में भी एक महत्वपूर्ण योगदान है।"विद्युत विभाग की इस आधुनिक मुहिम से जुड़ें, अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगवाएं और सुरक्षित एवं किफायती ऊर्जा का लाभ उठाएं।"
#Guna CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh Gwalior Commissioner Department of Energy Madhya Pradesh