
एचआरपी गर्भवती के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित हुए चिकित्सक
#देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देशन में अरमान सहयोगी संस्था के सहयोग से सीएमओ कार्यालय स्थित धन्वंतरि सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में इंटीग्रेटेड हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) ट्रैकिंग एवं मैनेजमेंट के लिए एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसर और स्टॉफ नर्स को प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जिला प्रशिक्षक आगे विभिन्न सत्रों के माध्यम से ब्लॉक के चिकित्साधिकारियों, स्टॉफ नर्स, सीएचओ और एएनएम को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान कर उनके उचित प्रबंधन पर विशेष जोर दिया।
प्रशिक्षण देते हुए डॉ. श्रवन्ति पी. और डॉ. काशीनाथ ने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, उच्च रक्तचाप, दौरे की समस्या, मधुमेह, 145 सेंटीमीटर से कम कद, 35 किलोग्राम से कम वजन अथवा 18 वर्ष से कम और 35 वर्ष से अधिक आयु जैसी जटिलताएं पाई जाती हैं, उन्हें उच्च जोखिम वाली गर्भवती की श्रेणी में रखा जाता है। गंभीर स्थिति होने पर ऐसी महिलाओं को तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जाता है। मेडिकल ऑफिसर और स्टॉफ नर्स को भी एचआरपी की पहचान, निगरानी, प्रबंधन और समय पर रेफरल की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में एसीएमओ डॉ. एसके सिन्हा, एसीएमओ डॉ. अजय शाही, एसीएमओ डॉ. अजीत सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. कार्तिक पाण्डेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. अश्वनी पाण्डेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. हरेंद्र कुमार, डॉ. विपिन रंजन, डीपीएम पूनम, डीएमएचसी विश्वनाथ मल्ल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।