
फेसबुक दोस्ती के बाद दिल्ली भाग रही थी 15 वर्षीय नेपाली किशोरी, एसएसबी ने बॉर्डर पर किया रेस्क्यू
पलिया कलां (लखीमपुर खीरी)। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 39वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने गौरीफंटा चेकपोस्ट पर सतर्कता दिखाते हुए एक 15 वर्षीय नेपाली किशोरी को मानव तस्करी की आशंका के बीच सुरक्षित रेस्क्यू किया। किशोरी अपने परिजनों को बिना बताए फेसबुक पर बने परिचित के साथ दिल्ली जाने की कोशिश कर रही थी।
एसएसबी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को गौरीफंटा चेकपोस्ट पर सघन जांच के दौरान नेपाल से भारत में प्रवेश कर रहे एक नेपाली युवक और एक नेपाली युवती को संदेह के आधार पर रोककर पूछताछ की गई।
पूछताछ में युवती ने अपना नाम बिंदु रावत (15 वर्ष) पुत्री बम बहादुर रावत, निवासी वार्ड संख्या-6, गाँवपालिका मगरगाड़ी, जिला बर्दिया (नेपाल) तथा युवक ने अपना नाम प्रकाश ल्वार (19 वर्ष) पुत्र बिर बहादुर बि.क. (ल्वार), निवासी वार्ड संख्या-2, नगरपालिका बुढ़ीगंगा, जिला बाजुरा (नेपाल) बताया।
दोनों से अलग-अलग पूछताछ करने पर पता चला कि करीब तीन माह पहले फेसबुक के माध्यम से दोनों की दोस्ती हुई थी। किशोरी अपने परिजनों को बिना बताए युवक के साथ दिल्ली जा रही थी। युवक ने बताया कि वह दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में काम करता है तथा उसके परिजन नाहरपुर, सेक्टर-7, रोहिणी (दिल्ली) में रहते हैं।
मामला प्रथम दृष्टया मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत होने पर एसएसबी ने तत्काल आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद नाबालिग किशोरी बिंदु रावत को एएचटीयू (AHTU), भारतीय एनजीओ MSS, नेपाल पुलिस, नेपाल एपीएफ तथा उसकी माता पार्वती राना की उपस्थिति में नेपाली एनजीओ 'आशीष (ASSN)' को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया।
वहीं युवक प्रकाश ल्वार को एएचटीयू, भारतीय एनजीओ MSS एवं नेपाल एपीएफ की मौजूदगी में आगे की कार्रवाई के लिए त्रिनगर पुलिस (नेपाल) के हवाले कर दिया गया।
एसएसबी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। #Facebookviralreels #लखीमपुर #followers #highlights #school #dineshkhbarnepal #customs