
"सिस्टम पर सबसे बड़ा प्रहार: मनमानी करने वाले अधिकारियों पर गिरी गाज, तत्काल प्रभाव से निलंबित!"
बिहार पुलिस महकमे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई सामने आ रही है! कानून के रक्षक ही जब कानूनी दस्तावेजों से खिलवाड़ करने लगें, तो मुख्यालय का एक्शन कितना सख्त होता है, इसका बड़ा उदाहरण मुजफ्फरपुर जिले में देखने को मिला है।
मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर करियात थाना की थाना प्रभारी (SHO) सुचित्रा कुमारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने एक मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अंकित धारा को काटकर उसमें बदलाव किया और नीचे अपने लघु हस्ताक्षर (Short Signature) कर दिए।
DGP के निर्देश पर SSP का हंटर!
इस मामले की शिकायत सीधे पुलिस मुख्यालय को भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट में थाना प्रभारी का आचरण प्रथमदृष्टया संदिग्ध और गंभीर अनियमितता से भरा पाया गया। इसके बाद बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) के कड़े निर्देश पर मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने सुचित्रा कुमारी को सस्पेंड कर दिया।
विभागीय जांच शुरू, अब खैर नहीं!
निलंबन के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है और निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण (Show Cause) देने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर आरोप पूरी तरह सही पाए गए, तो आगे और भी बड़ी कानूनी गाज गिर सकती है।
पुलिस मुख्यालय का कड़ा संदेश:
इस त्वरित कार्रवाई से बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी थानों को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है—केस डायरी, FIR या कानूनी धाराओं में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता या छेड़छाड़ को 1% भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा! सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।
#BiharNews #Muzaffarpur #BiharPolice #Action #DGPBihar