
महात्मा गाँधी शिक्षण संस्थान में धूमधाम से मना शिक्षक दिवस समारोह
शिक्षकों के सम्मान में विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, उत्कृष्ट योगदान के लिए दो शिक्षकों को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षक’ पुरस्कार
दरभंगा। महात्मा गाँधी शिक्षण संस्थान की बंगाली टोला एवं वाजितपुर शाखा में शिक्षक दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह व्यक्त करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन हीरा कुमार झा, प्रबंधक राजीव कुमार, प्राचार्या श्रावणी शिखा एवं सीसीए प्रभारी पलक मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत नृत्य एवं स्वागत गीत से हुई, जिसने उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रावणी शिखा ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि शिक्षक का कार्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, सोच और भविष्य का निर्माण करना भी है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि उसके विद्यार्थियों की सफलता होती है। शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा दिखाने के साथ-साथ उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करते हैं।
विद्यालय के चेयरमैन हीरा कुमार झा ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके शिक्षक होते हैं। शिक्षकों का समर्पण, मेहनत और अनुशासन ही विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करता है तथा संस्थान को निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को वस्त्रादि प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। वहीं वर्ष 2026 में उत्कृष्ट योगदान के लिए लहेरियासराय शाखा की पलक मिश्रा एवं वाजितपुर शाखा के निरंजन झा को ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षक’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से दोनों शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य, समर्पण एवं विद्यार्थियों के प्रति उनके योगदान की सराहना की गई।
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, भाषण एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर सभागार में मौजूद शिक्षकों एवं अतिथियों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय के संगीत शिक्षक दीपक कुमार झा ने अपनी गायकी की प्रस्तुति से समारोह में समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह एवं उमंग का माहौल बना रहा।
समारोह में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक उनके जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्हें न केवल पढ़ाई में बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संस्कार एवं जिम्मेदारी का महत्व भी समझ में आता है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-विद्यार्थी के बीच स्नेह, सम्मान एवं विश्वास का रिश्ता और अधिक मजबूत होता नजर आया। विद्यालय प्रबंधन ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में समन्वयक शशांक श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने समारोह को सफल बनाने में सहयोग करने वाले विद्यालय प्रबंधन, सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ शिक्षक दिवस समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।