
इश्क और रिश्क में नप गईं MP कटनी की पूर्व और वर्तमान CSP “ CM ने किया निलंबित,,
MP कटनी की पुलिस व्यवस्था से जुड़े दो अलग-अलग विवादों ने पुलिस महकमे पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। एक ओर पूर्व CSP ख्याति मिश्रा का मामला पारिवारिक विवाद और पुलिस कार्रवाई के आरोपों के चलते सुर्खियों में आया था, वहीं अब CSP नेहा पच्चीसिया पर कथित अवैध वसूली, जांच में अनियमितता और जमीन सौदे में पुलिस दबाव जैसे गंभीर आरोपों के बाद FIR और निलंबन की कार्रवाई चर्चा में है यहां सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों मामलों में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद संज्ञान लेकर दोनों सीएसपी के खिलाफ कार्यवाही की है आरोपों की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी, लेकिन कटनी पुलिस से जुड़े ये मामले विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल जरूर खड़े करते हैं।
कटनी की वर्तमान सीएसपी नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले में ₹30 हजार की कथित वसूली के आरोप से लेकर जमीन की रजिस्ट्री में पुलिस दबाव के आरोप तक मामला सामने आया जांच रिपोर्टों के अनुसार करीब ₹82.86 लाख की गाइडलाइन कीमत वाली जमीन की रजिस्ट्री लगभग ₹18.20 लाख में कराने का आरोप लगा और इसी मामले में FIR भी दर्ज हुई।
वहीं गत 2025 में कटनी CSP रहीं ख्याति मिश्रा से जुड़ा विवाद उनके पति और तत्कालीन कटनी पुलिस अधीक्षक से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप के कारण राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में रहा। दोनों मामलों में आरोपों की प्रकृति अलग है, लेकिन सवाल एक ही है वर्दी और अधिकार का इस्तेमाल विवादों में क्यों घिर रहा है?
गौरतलब है कि कटनी CSP नेहा पच्चीसिया को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सस्पेंड कर दिया है। राजगढ़ जिले की रहने वाली नेहा ने एयर इंडिया में एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर MPPSC में 20वीं रैंक हासिल की और DSP बनीं। गुना में महिला मोबाइल पुलिस स्टेशन शुरू करने पर उन्हें ‘लेडी सिंघम’ कहा गया। कोरोना काल में तत्कालीन CM शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें सम्मानित भी किया था।
कटनी में पोस्टिंग के दौरान उनके खिलाफ आरोप लगे। ट्रांसपोर्टर महेंद्र जैन ने 21 जुलाई 2026 की रात हाईवा चेकिंग में 30 हजार रुपये वसूली का आरोप लगाया। इसके अलावा हत्या केस में 90 दिन में चालान न पेश होने से आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिल गई। आरोपी रमेश लोधी के परिवार का आरोप है कि राहत के बदले उनकी करीब 83 लाख रुपये की गाइडलाइन वाली जमीन सिर्फ 18.20 लाख में किसी अन्य के नाम रजिस्टर्ड कराई गई। 19 अगस्त को FIR दर्ज हुई। CM ने पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त न करने का ऐलान करते हुए सस्पेंशन का आदेश दिया। कार्यालय सील कर दिया गया। जांच जारी है।