
#रावण_का_घमंड_पड़ा_भारी_सोने_की_लंका में हनुमान ने मचा दी तबाही!
पलभर में धू-धू कर जलकर राख
अशोक वाटिका में मचाया उत्पात, अक्षय कुमार का वध कर मेघनाद से भिड़े बजरंगबली; 300 फीट के दंगल में उमड़ा जनसैलाब, मूक अभिनय ने बांधा समां
बिसाऊ। (अशोक सोनी) शहर की विश्वविख्यात, गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित ऐतिहासिक मूक रामलीला में शनिवार देर शाम भक्ति, शौर्य और रोमांच का ऐसा संगम देखने को मिला कि लीला प्रेमी भाव-विभोर हो उठे। दूधिया रोशनी से जगमगाते करीब 300 फीट के दंगल में हनुमानजी के लंका प्रवेश, अशोक वाटिका में उत्पात, अक्षय कुमार वध और लंका दहन का सजीव मंचन किया गया। आसमान में गूंजती आतिशबाजी और दर्शकों के जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा माहौल राममय हो गया।
रामलीला प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष सुनील शास्त्री और पूर्व मंत्री श्याम सुंदर भानीपुरा के निर्देशन में कलाकारों ने बिना संवाद बोले केवल हाव-भाव, अभिनय और शारीरिक मुद्राओं के जरिए प्रसंगों को जीवंत किया। मूक रामलीला की यही खासियत दर्शकों को लगातार आकर्षित करती रही।
सीता की खोज में लंका पहुंचे हनुमान, रावण की सभा तक पहुंचा पराक्रम
माता सीता की खोज करते हुए हनुमानजी लंका पहुंचे और अशोक वाटिका में उन्हें प्रभु श्रीराम की निशानी देकर विश्वास दिलाया। इसके बाद वाटिका में फल खाने और पेड़-पौधों को उखाड़ने के दृश्य का मंचन हुआ। रावण के सैनिकों ने हनुमानजी को पकड़कर उसके दरबार में पेश किया। रावण ने दंड स्वरूप उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया, लेकिन यही आदेश सोने की लंका के विनाश का कारण बन गया। पूंछ में आग लगते ही हनुमानजी ने लंका के विभिन्न हिस्सों में आग लगाने का दृश्य प्रस्तुत किया। लंका दहन के दौरान हुई भव्य आतिशबाजी ने दर्शकों का ध्यान खींचा। कलाकारों के अभिनय के बीच-बीच में जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।
आयोजन की भव्यता के बीच व्यवस्था और परंपरा भी चर्चा में
रामलीला का विशाल मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। आयोजन की भव्यता, रोशनी और आतिशबाजी ने माहौल को आकर्षक बनाया। वहीं, बिना संवाद के इतने बड़े प्रसंगों को मंच पर उतारना कलाकारों के अभ्यास और समन्वय की परीक्षा भी रहा। मूक रामलीला की वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने में कलाकारों और आयोजन समिति की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
इस अवसर पर रामलीला प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा, कोषाध्यक्ष प्रीतम दाधीच, मंत्री गोपी किशन दाधीच, संरक्षक एवं भामाशाह जगदीश प्रसाद कसेरा, विजय माटोलिया, संजय पोद्दार, कमल मिश्रा, त्रिलोकचंद शर्मा, ओमप्रकाश दाधीच, राजेश जलधारी, अरविंद सोनी, रिद्धकरण सोनी, मनीष सोनी और कंपाउंडर अमीर सिंह, रामगोपाल लाटा, श्री किशन स्वामी, नवरतन बारी, भवानीशंकर महनसरीया सहित सैकड़ों लीला प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कपिलेश शर्मा और सुभाष खटीक ने किया। लीला के समापन पर लकी ड्रॉ के कूपन खोले गए और पुरस्कारों की घोषणा के बाद पुरस्कार वितरण किया गया। वहीं, सुभाष बॉस ने अंग्रेज का स्वांग रचा और नकली धारियों के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
#बिसाऊ #शेखावाटीएक्सप्रेस #मूकरामलीला #बिसाऊकीमूकरामलीला #रामलीला2026 #हनुमानजी #जयश्रीराम #लंका_दहन #बजरंगबली #अशोकवाटिका #रावणदहन #धार्मिकआयोजन #राजस्थानन्यूज #चूरून्यूज #ग्राउंडरिपोर्ट #ताजा_खबर #राजस्थान #ऐतिहासिकपरंपरा #गोल्डनबुकऑफरिकॉर्ड्स #ShekhawatiExpress #BissauNews #RajasthanNews #HanumanJi #JaiShriRam Shekhawati Express Ashok Soni