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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल एवं वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को दतिया के मीडिया सेंटर में दतिया उपचुनाव को लेकर पत्रकार-वार्ता को किया संबोधित --------------------------------------------------- - भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी समर्पित कार्यकर्ता, अब सेवक बनकर करेंगे जनसेवा - ढाई साल विकास अवरुद्ध रहा, अब भाजपा दतिया को फिर विकास की राह पर आगे बढ़ाएगी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल एवं वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को दतिया के मीडिया सेंटर में दतिया उपचुनाव को लेकर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रचार-प्रसार के दौरान दतिया की जनता का अभूतपूर्व स्नेह व सहयोग मिला। ऐसा ही सहयोग अब 30 जुलाई को मतदान के दिन भी मिलेगा। दतिया में हजारों करोड़ की लागत से बनने वाले डिफेंस पार्क से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। कांग्रेस भ्रम फैलाती है, झूठे आरोप और नकारात्मक राजनीति करती है। कांग्रेस अपनी हार की पटकथा लिखना शुरू कर चुकी है। वह चुनाव में हारने के बाद ईवीएम पर दोष मढ़ेंगे। दतिया में ढाई साल विकास अवरुद्ध रहा, अब भाजपा दतिया को फिर विकास की राह पर आगे बढ़ाएगी। भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी समर्पित कार्यकर्ता हैं। अब सेवक बनकर जनता की सेवा करेंगे। प्रत्येक मत विकसित, समृद्ध, सुरक्षित और गौरवशाली दतिया के निर्माण को नई शक्ति देगा, इसलिए मैं दतिया विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं से विनम्र अपील करता हूं कि वे भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी के चुनाव चिन्ह कमल के फूल पर अपना बहुमूल्य देकर भाजपा को ऐतिहासिक विजयी बनाएं, ताकि ढाई वर्षों से रूका हुआ दतिया के विकास का पहिया फिर तेज से आगे बढ़े। पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस में राजा के पास राज्य नहीं है और पटवारी के पास कोई हल्का नहीं है। दतिया का अगर कोई विकास कर सकता है, भला कर सकता है तो वह है भारतीय जनता पार्टी और उसके प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी हैं। इस अवसर पर भाजपा क प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल एवं सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक श्री सुयश त्यागी मंचासीन रहे। यह चुनाव केवल भाजपा की जीत का नहीं, बल्कि दतिया के विकास का है भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि दतिया विधानसभा का उपचुनाव केवल भाजपा की जीत का चुनाव नहीं है, बल्कि यह दतिया के विकास का चुनाव है। मां पीताम्बरा की पावन भूमि दतिया वीरों की कर्मभूमि है, बुंदेलखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान है। भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने दतिया को नई पहचान दी है। मेडिकल कॉलेज, आधुनिक एयरपोर्ट, वेटरनरी कॉलेज, बेहतर स्वास्थय सुविधाएं, आधुनिक शिक्षा संस्थान, सुदृढ़ सड़क नेटवर्क, सिंचाई परियोजनाएं और औद्योगिक विकास जैसे अनेक कार्य दतिया में हुए हैं। आने वाले समय में दतिया में हजारों करोड़ की लागत से डिफेंस पार्क की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिससे यहां के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। दतिया में कभी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, वही दतिया आज विकास की नई गाथा लिख रहा है। कांग्रेस ने दतिया की जनता के अधिकारों को छीना है भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि कांग्रेस ने दतिया विधानसभा के विकास को पिछले ढाई साल में बहुत पीछे कर दिया है। कांग्रेस ने दतिया की जनता के अधिकारों को छीना है तो वहीं उन्हें विकास से भी वंचित रखा है। कांग्रेस जहां भी रही वहां पर सिर्फ विनाश करने का काम किया है। दतिया में भी चुनाव प्रचार में कांग्रेस के नेताओं ने दुष्प्रचार किया, दतिया के लोगों से झूठ बोला, उनके बीच में जाकर भ्रम फैलाया है। कांग्रेस का पूरा चुनाव अभियान केवल भ्रम, झूठे आरोप और नकारात्मक राजनीति पर आधारित रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार अपनी संभावित हार का ठीकरा कभी चुनाव आयोग, कभी प्रशासन और कभी अन्य संस्थाओं पर फोड़ते रहे हैं। इस बार भी वे 3 अगस्त को चुनाव नतीजों के बाद अपनी हार का दोष ईवीएम पर मढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के बाद सबसे समय तक शासन किया है। मध्यप्रदेश में भी लंबे समय तक उनकी सरकारें रहीं, लेकिन कांग्रेस की सरकारों में देश-प्रदेश और दतिया का बंटाढार ही हुआ है। इस बार ऐसी गलती नहीं करना है और दतिया को भी बंटाढार होने से बचाना है। विकास सिर्फ भाजपा ही कर सकती है, यह भाजपा सरकार ने करके दिखाया है। भाजपा प्रत्याशी जमीनी कार्यकर्ता, दतिया से पुराना नाता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि पार्टी प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी जमीनी कार्यकर्ता हैं। वे करीब 30 वर्षों से लगातार संगठन के लिए काम करते रहे हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दतिया में उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है। श्री आशुतोष तिवारी का दतिया से गहरा नाता रहा है। संगठनात्मक जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने यहां पर काम किया। श्री आशुतोष तिवारी संगठन के कार्यों के दौरान कई चुनावों का संचालन किया और कई कार्यकर्ताओं के विधानसभा व लोकसभा का चुनाव जीतने में अहम भूमिका निभाई है। दतिया विधानसभा चुनाव की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे में जब वह स्वयं विधायक बनेंगे तो दतिया का विकास सुनिश्चित होगा। भाजपा की डबल इंजन सरकार में चौतरफा विकास हुआ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार में चौतरफा विकास हुआ है। भाजपा हमेशा से सबका साथ-सबका विकास, राष्ट्रवाद, सुशासन और सनातन मूल्यों को मानने वाला दल है। हमारी राजनीति समाज को जोड़ने की है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा से समाज को बांटने और भ्रम फैलाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने विकास के सैकड़ों कार्य कराए एवं यहां के लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया। आने वाले दिनों में मिलेगी डिफेंस पार्क की सौगात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि दतिया के विकास में भाजपा की डबल इंजन सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी है और अब आने वाले दिनों में दतिया को डिफेंस पार्क की भी सौगात मिलने वाली है। चुनाव आचार संहिता के बाद इस पर अमल शुरू होगा। डिफेंस पार्क बनने से हजारों लोगों को रोजगार मिलने के साथ औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी स्पष्ट किया है कि ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विस्तार का लाभ दतिया को भी मिलेगा। भूमि संबंधी शिकायतों और राजस्व अनियमितताओं पर भी राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। भाजपा की सरकार में अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है। कानून का राज और सुशासन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दतिया के विकास के लिए भाजपा को वोट दें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि अब दतिया की जनता ने मन बना लिया है कि वह विकास, सुशासन और जनकल्याण के पक्ष में मतदान करेगी। जनता का भाजपा के प्रति उत्साह और स्नेह बता रहा है कि भाजपा यह चुनाव ऐतिहासिक मतों से जीतेगी। कांग्रेस हमेशा समाज को बांटने और भ्रम फैलाने की राजनीति करती है, जबकि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की चिंता करती है। कांग्रेस से हमारा केवल एक प्रश्न है कि यदि उसके पास विकास का कोई विजन और संगठन में कोई एकजुटता होती, तो उसके वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक चुनाव मैदान छोड़कर नहीं जाते। यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस न तो संगठित है, न जवाबदेह है और न ही दतिया के भविष्य के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा कि मैं दतिया की देवतुल्य जनता, भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने वाले चुनाव आयोग और प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में भाजपा और वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का संकल्प है कि दतिया विकास की नई ऊंचाइयों को छुए, उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करे। दतिया विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं से अपील है कि 30 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘कमल‘ के सामने वाला बटन दबाकर भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को अपना अमूल्य आशीर्वाद प्रदान करें। आपका प्रत्येक मत विकसित, समृद्ध, सुरक्षित और गौरवशाली दतिया के निर्माण को नई शक्ति देगा। कांग्रेस ने दतिया का कोई भला नहीं किया, भाजपा ने विकास किया - डॉ. नरोत्तम मिश्रा भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से झूठ और भ्रम की राजनीति करती रही है। दतिया का यदि कोई भला कर सकता है तो वह भाजपा और श्री आशुतोष तिवारी है। कांग्रेस केवल विरासत और वंशवाद की राजनीति करती है। कांग्रेस के राजाओं ने कभी प्रदेश और दतिया का भला नहीं किया। दतिया के उपचुनाव में भी कांग्रेस ने एक राजा और एक पटवारी को मैदान में उतारा है, लेकिन राजा के पास कोई राज नहीं है और पटवारी बिना हल्के के हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति केवल व्यक्ति विशेष और एक परिवार तक ही सीमित है, वे कभी जनता का भला नहीं कर सकते। कांग्रेस ने पिछले ढाई वर्षों में भी दतिया के लोगों के अधिकार एवं विकास कार्यों को रोका है। जनता कभी भी उन्हें माफ नहीं करेगी। यदि कांग्रेस विकास की पक्षधर होती तो दतिया की यह स्थिति कभी नहीं होने देती। वर्षों तक दतिया पर कांग्रेस ने राज किया, लेकिन यहां के राजा और कांग्रेस ने सिर्फ अपना भला किया है। भाजपा कार्यकर्ताओं का दल, पार्टी में कार्यकर्ताओं को मौका मिलता है भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं का दल है। यहां पर सभी कार्यकर्ताओं को मौका मिलता है। भाजपा ने दतिया से श्री आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाकर यहां की जनता की सेवा में भेजा है। इस बार भी कांग्रेस ने राज परिवार को टिकट देकर कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं का अधिकार छीना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने दतिया के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाजपा ने स्वास्थय, शिक्षा, बेरोजगारी, महिला सशाक्तिकरण सहित सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य कराए हैं। दतिया की देवतुल्य जनता से मेरी अपील है कि दतिया के विकास और दतिया के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा के प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को अमूल्य मत देकर ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाएं। #datia #BJPGovernment #election2026

Gwalior Gird, Gwalior | Jul 29, 2026

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मुरैना में बदहाल मत्स्य बीज भंडारण टैंक, ग्रामीणों ने उठाए सवाल—'बजट कहां खर्च हो रहा है?'

मुरैना। जिले में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा बनाए गए मत्स्य बीज भंडारण टैंक और नर्सरी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं। कई टैंकों की हालत जर्जर दिखाई दे रही है, जबकि कुछ टैंकों में वर्षों से मछली के बीज नहीं रखे गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन टैंकों पर न तो विभागीय गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमित रूप से यहां पहुंचता है। उनका आरोप है कि सरकारी धन से टैंक तो बना दिए गए, लेकिन रखरखाव और उपयोग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मत्स्य विभाग को हर वर्ष बजट मिलता है, तो उसका उपयोग आखिर कहां किया जा रहा है।

वहीं, इस मामले में जब मत्स्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि परिसर में मत्स्य बीज रखने के लिए नर्सरी संचालित की जाती है। हालांकि, मौके पर दिखाई दे रही स्थिति विभाग के दावों से मेल नहीं खाती। टैंकों की बदहाल हालत और गतिविधियों के अभाव ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत में यह मत्स्य बीज केंद्र स्थापित है, वहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही विभाग की ओर से नियमित देखरेख की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर टैंकों की वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं या नहीं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकारी संसाधनों और बजट के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता होगी।

मुरैना में बदहाल मत्स्य बीज भंडारण टैंक, ग्रामीणों ने उठाए सवाल—'बजट कहां खर्च हो रहा है?' मुरैना। जिले में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा बनाए गए मत्स्य बीज भंडारण टैंक और नर्सरी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं। कई टैंकों की हालत जर्जर दिखाई दे रही है, जबकि कुछ टैंकों में वर्षों से मछली के बीज नहीं रखे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन टैंकों पर न तो विभागीय गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमित रूप से यहां पहुंचता है। उनका आरोप है कि सरकारी धन से टैंक तो बना दिए गए, लेकिन रखरखाव और उपयोग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मत्स्य विभाग को हर वर्ष बजट मिलता है, तो उसका उपयोग आखिर कहां किया जा रहा है। वहीं, इस मामले में जब मत्स्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि परिसर में मत्स्य बीज रखने के लिए नर्सरी संचालित की जाती है। हालांकि, मौके पर दिखाई दे रही स्थिति विभाग के दावों से मेल नहीं खाती। टैंकों की बदहाल हालत और गतिविधियों के अभाव ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत में यह मत्स्य बीज केंद्र स्थापित है, वहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही विभाग की ओर से नियमित देखरेख की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर टैंकों की वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं या नहीं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकारी संसाधनों और बजट के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता होगी।

Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026

मुरैना में बदहाल मत्स्य बीज भंडारण टैंक, ग्रामीणों ने उठाए सवाल—'बजट कहां खर्च हो रहा है?'

मुरैना। जिले में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा बनाए गए मत्स्य बीज भंडारण टैंक और नर्सरी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं। कई टैंकों की हालत जर्जर दिखाई दे रही है, जबकि कुछ टैंकों में वर्षों से मछली के बीज नहीं रखे गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन टैंकों पर न तो विभागीय गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमित रूप से यहां पहुंचता है। उनका आरोप है कि सरकारी धन से टैंक तो बना दिए गए, लेकिन रखरखाव और उपयोग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मत्स्य विभाग को हर वर्ष बजट मिलता है, तो उसका उपयोग आखिर कहां किया जा रहा है।

वहीं, इस मामले में जब मत्स्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि परिसर में मत्स्य बीज रखने के लिए नर्सरी संचालित की जाती है। हालांकि, मौके पर दिखाई दे रही स्थिति विभाग के दावों से मेल नहीं खाती। टैंकों की बदहाल हालत और गतिविधियों के अभाव ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत में यह मत्स्य बीज केंद्र स्थापित है, वहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही विभाग की ओर से नियमित देखरेख की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर टैंकों की वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं या नहीं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकारी संसाधनों और बजट के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता होगी।

मुरैना में बदहाल मत्स्य बीज भंडारण टैंक, ग्रामीणों ने उठाए सवाल—'बजट कहां खर्च हो रहा है?' मुरैना। जिले में मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा बनाए गए मत्स्य बीज भंडारण टैंक और नर्सरी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं। कई टैंकों की हालत जर्जर दिखाई दे रही है, जबकि कुछ टैंकों में वर्षों से मछली के बीज नहीं रखे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इन टैंकों पर न तो विभागीय गतिविधियां दिखाई देती हैं और न ही कोई अधिकारी या कर्मचारी नियमित रूप से यहां पहुंचता है। उनका आरोप है कि सरकारी धन से टैंक तो बना दिए गए, लेकिन रखरखाव और उपयोग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मत्स्य विभाग को हर वर्ष बजट मिलता है, तो उसका उपयोग आखिर कहां किया जा रहा है। वहीं, इस मामले में जब मत्स्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उनका कहना है कि परिसर में मत्स्य बीज रखने के लिए नर्सरी संचालित की जाती है। हालांकि, मौके पर दिखाई दे रही स्थिति विभाग के दावों से मेल नहीं खाती। टैंकों की बदहाल हालत और गतिविधियों के अभाव ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत में यह मत्स्य बीज केंद्र स्थापित है, वहां न तो पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही विभाग की ओर से नियमित देखरेख की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर टैंकों की वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं या नहीं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरकारी संसाधनों और बजट के उपयोग की भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता होगी।

Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026

मुरैना में फुटपाथ निर्माण पर बवाल, घटिया गुणवत्ता का आरोप; ग्रामीणों और भीम आर्मी ने रुकवाया काम

मुरैना। मुरैना में बेरियल चौराहे से मुरैना गांव तक चल रहे फुटपाथ (पेवर ब्लॉक) निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया। उनका आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा।

विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जहां कंक्रीट का उपयोग किया जाना चाहिए, वहां मिट्टी और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से निर्माण का एस्टीमेट और स्वीकृत मानक (स्पेसिफिकेशन) दिखाने को कहा गया तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट ठेकेदार के पास है। वहीं, आरोप है कि ठेकेदार ने कहा कि उनके पास कोई एस्टीमेट उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि एस्टीमेट और स्वीकृत मानकों की जानकारी उपलब्ध नहीं है तो निर्माण किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर की कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। विरोध के दौरान लोगों ने मांग की कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर श्री विष्णु से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, आरोप है कि सुपरवाइजर ने तकनीकी जानकारी देने के बजाय स्थानीय नेताओं से बात कराने का प्रयास किया।

फिलहाल ग्रामीणों और भीम आर्मी के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है। लोगों का कहना है कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होगी और मानकों के अनुरूप निर्माण का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
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मुरैना में फुटपाथ निर्माण पर बवाल, घटिया गुणवत्ता का आरोप; ग्रामीणों और भीम आर्मी ने रुकवाया काम मुरैना। मुरैना में बेरियल चौराहे से मुरैना गांव तक चल रहे फुटपाथ (पेवर ब्लॉक) निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया। उनका आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जहां कंक्रीट का उपयोग किया जाना चाहिए, वहां मिट्टी और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से निर्माण का एस्टीमेट और स्वीकृत मानक (स्पेसिफिकेशन) दिखाने को कहा गया तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट ठेकेदार के पास है। वहीं, आरोप है कि ठेकेदार ने कहा कि उनके पास कोई एस्टीमेट उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि एस्टीमेट और स्वीकृत मानकों की जानकारी उपलब्ध नहीं है तो निर्माण किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर की कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। विरोध के दौरान लोगों ने मांग की कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर श्री विष्णु से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, आरोप है कि सुपरवाइजर ने तकनीकी जानकारी देने के बजाय स्थानीय नेताओं से बात कराने का प्रयास किया। फिलहाल ग्रामीणों और भीम आर्मी के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है। लोगों का कहना है कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होगी और मानकों के अनुरूप निर्माण का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। .

Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026

मुरैना में फुटपाथ निर्माण पर बवाल, घटिया गुणवत्ता का आरोप; ग्रामीणों और भीम आर्मी ने रुकवाया काम

मुरैना। मुरैना में बेरियल चौराहे से मुरैना गांव तक चल रहे फुटपाथ (पेवर ब्लॉक) निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया। उनका आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा।

विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जहां कंक्रीट का उपयोग किया जाना चाहिए, वहां मिट्टी और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से निर्माण का एस्टीमेट और स्वीकृत मानक (स्पेसिफिकेशन) दिखाने को कहा गया तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट ठेकेदार के पास है। वहीं, आरोप है कि ठेकेदार ने कहा कि उनके पास कोई एस्टीमेट उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि एस्टीमेट और स्वीकृत मानकों की जानकारी उपलब्ध नहीं है तो निर्माण किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर की कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। विरोध के दौरान लोगों ने मांग की कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर श्री विष्णु से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, आरोप है कि सुपरवाइजर ने तकनीकी जानकारी देने के बजाय स्थानीय नेताओं से बात कराने का प्रयास किया।

फिलहाल ग्रामीणों और भीम आर्मी के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है। लोगों का कहना है कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होगी और मानकों के अनुरूप निर्माण का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

मुरैना में फुटपाथ निर्माण पर बवाल, घटिया गुणवत्ता का आरोप; ग्रामीणों और भीम आर्मी ने रुकवाया काम मुरैना। मुरैना में बेरियल चौराहे से मुरैना गांव तक चल रहे फुटपाथ (पेवर ब्लॉक) निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया। उनका आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जहां कंक्रीट का उपयोग किया जाना चाहिए, वहां मिट्टी और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से निर्माण का एस्टीमेट और स्वीकृत मानक (स्पेसिफिकेशन) दिखाने को कहा गया तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट ठेकेदार के पास है। वहीं, आरोप है कि ठेकेदार ने कहा कि उनके पास कोई एस्टीमेट उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि एस्टीमेट और स्वीकृत मानकों की जानकारी उपलब्ध नहीं है तो निर्माण किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर की कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। विरोध के दौरान लोगों ने मांग की कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर श्री विष्णु से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, आरोप है कि सुपरवाइजर ने तकनीकी जानकारी देने के बजाय स्थानीय नेताओं से बात कराने का प्रयास किया। फिलहाल ग्रामीणों और भीम आर्मी के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है। लोगों का कहना है कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होगी और मानकों के अनुरूप निर्माण का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

Gwalior Gird, Gwalior | Aug 3, 2026

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