मुरैना में फुटपाथ निर्माण पर बवाल, घटिया गुणवत्ता का आरोप; ग्रामीणों और भीम आर्मी ने रुकवाया काम
मुरैना। मुरैना में बेरियल चौराहे से मुरैना गांव तक चल रहे फुटपाथ (पेवर ब्लॉक) निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया। उनका आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और निर्धारित मानकों का पालन नहीं हो रहा।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जहां कंक्रीट का उपयोग किया जाना चाहिए, वहां मिट्टी और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। जब मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से निर्माण का एस्टीमेट और स्वीकृत मानक (स्पेसिफिकेशन) दिखाने को कहा गया तो उन्होंने बताया कि एस्टीमेट ठेकेदार के पास है। वहीं, आरोप है कि ठेकेदार ने कहा कि उनके पास कोई एस्टीमेट उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों और भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि एस्टीमेट और स्वीकृत मानकों की जानकारी उपलब्ध नहीं है तो निर्माण किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर की कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। विरोध के दौरान लोगों ने मांग की कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर श्री विष्णु से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं, आरोप है कि सुपरवाइजर ने तकनीकी जानकारी देने के बजाय स्थानीय नेताओं से बात कराने का प्रयास किया।
फिलहाल ग्रामीणों और भीम आर्मी के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया है। लोगों का कहना है कि जब तक गुणवत्ता की जांच नहीं होगी और मानकों के अनुरूप निर्माण का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।