
लाडो योजना के तहत देय सभी भुगतान 31 जुलाई तक पूरे करें:
जिला कलक्टर
राजकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के निर्देश
सवाई माधोपुर, 22 जुलाई। कलक्टर काना राम ने जिले के राजकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के नामांकन बढ़ाने, पढ़ाई छोड़ने वाले (ड्रॉपआउट) बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने, विद्यालय भवनों में मरम्मत आदि कार्यो को पूरा करने और लाडो योजना में नकद लाभ हस्तांतरण की पात्र छात्राओं को देय भुगतान के लिए समय-सीमा तय की है। बुधवार को शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं, जिला स्तरीय निष्पादन, पोषाहार संचालन समिति एवं पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने इसके लिए निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने पीएम पोषण योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि मानसून के दौरान विद्यालयों में सीलन अथवा नमी के कारण पोषाहार खराब न हो, इसके लिए खाद्यान्न सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखे तथा प्रतिदिन होने वाले पोषाहार वितरण की जानकारी कलक्ट्रेट कार्यालय में भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी संस्था प्रधानों को निर्देश दिए कि विद्यालयों के क्षतिग्रस्त भवनों, जर्जर कक्षा-कक्षों अथवा असुरक्षित स्थानों पर किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
जिले में 1 हजार 855 ड्रॉपआउट बच्चे चिन्हित:- काना राम ने प्रवेशोत्सव एवं नामांकन अभियान की समीक्षा करते हुए जिले में चिन्हित 1 हजार 855 ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में नामांकन घटे हैं उनके संस्था प्रधान इसके कारणों पर विचार कर नामांकन बढ़ाने के लिए योजना प्रस्तुत करें। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना के क्रम में पीसीटीएस आईडी, जनाधार कार्ड एवं आधार कार्ड में मिसमैच के कारण लंबित भुगतान मामलों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही, सीबीईओ एवं एसीबीईओ को चेतावनी देते हुए कहा कि योजना से वंचित सभी पात्र बालिकाओं को 31 जुलाई तक आवश्यक रूप से भुगतान किया जाना सुनिश्चित करें।
जिला कलक्टर ने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत शिक्षा विभाग को दिए गए 4 लाख 50 हजार पौधारोपण का लक्ष्य व्यक्तिगत एवं कम्पयूनिटी वृक्षारोपण के माध्यम से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के खेल मैदानों, सार्वजनिक स्थलों एवं पार्कों में अधिकाधिक पौधे लगाए जाएं तथा उनकी सुरक्षा के लिए खेल मैदानों की चारदीवारी के भीतर पौधारोपण को प्राथमिकता दी जाए।
अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि भविष्य की उड़ान योजना के तहत विद्यालयों में कक्षा-कक्ष निर्माण, सौन्दर्यकरण, फर्नीचर सहित 34 करोड़ से अधिक राशि के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं। कलक्टर ने इन कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संस्था प्रधानों को सेवानिवृत्त शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं भामाशाहों को प्रेरित कर मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना से जोड़ने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।
बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसाड़िया, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरकेश लाल मीना, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक देवी लाल मीना, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मनोज कुमार मीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।