
स्कूल बैग का वजन बच्चे के वजन का केवल 10% रखने के फैसले का डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने किया स्वागत
हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के स्कूल बैग का वजन उनके शरीर के वजन के केवल 10 प्रतिशत तक सीमित रखने के ऐतिहासिक निर्णय का वरिष्ठ समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने जोरदार स्वागत किया है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि यह निर्णय केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार का कदम नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि वर्षों से छोटे-छोटे बच्चों को भारी स्कूल बैग ढोने पड़ते थे, जिसका सीधा असर उनके कंधों, रीढ़ की हड्डी और शारीरिक विकास पर पड़ता था।
उन्होंने कहा कि "जब बच्चे का स्कूल बैग उसके शरीर के वजन का केवल 10 प्रतिशत होगा, तब न केवल उसकी पढ़ाई अधिक सहज होगी, बल्कि उसकी शारीरिक बनावट, व्यक्तित्व और प्राकृतिक विकास भी बेहतर रहेगा। इससे बच्चों की रीढ़ की हड्डी और कंधों पर अनावश्यक दबाव कम होगा तथा वे अधिक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और शारीरिक रूप से फिट बनेंगे।"
डॉ. वर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू एवं प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाला यह निर्णय भविष्य में सकारात्मक परिणाम देगा और पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकता है।
उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि वे इस निर्णय को सफल बनाने में अपना सहयोग दें, ताकि बच्चों पर अनावश्यक शैक्षणिक बोझ कम हो और वे "फिट बच्चे, हिट बच्चे" के लक्ष्य को साकार कर सकें।