जमुई: शिक्षा विभाग के बदलते आदेश से बच्चों की पढ़ाई बाधित
इनदिनों शिक्षा विभाग के बदलते आदेशों ने छात्र- छात्राओं की मुसीबतें बढ़ा दी है। लक्ष्मीपुर प्रखंड के आनंदपुर और बसमता विद्यालय के बीच पिस कर छात्र- छात्राओं की पढ़ाई 10 दिनों से बाधित हो रही है। इसको लेकर गुरुवार की दोपहर करीब 1:00 बजे बड़ी संख्या में छात्र- छात्रा अभिभावक के साथ समाहरणालय पहुंचे, जहां डीएम से शिकायत कर नियमित पढ़ाई की मांग की है।
दरअसल मामला आनंदपुर पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है, जिसका संचालन पहले बसमता गांव के मध्य विद्यालय भवन में किया जा रहा था। छात्र वहीं पढ़ाई कर रहे थे। इसी बीच 22 जुलाई को जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान ने पत्रांक-272 जारी कर विद्यालय का संचालन आनंदपुर में करने का आदेश दिया। पत्र में कहा गया कि ग्रामीणों के अनुरोध और जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है।
आदेश मिलने के बाद छात्र आनंदपुर विद्यालय पहुंचने लगे। बच्चों का कहना है कि शिक्षकों ने भी जल्द पढ़ाई शुरू कराने का आश्वासन दिया, लेकिन नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हुईं। छात्र रोज विद्यालय पहुंचते रहे, जबकि अधिकांश समय शिक्षक नहीं आए। ग्रामीणों के कहने पर बच्चे पूरे दिन विद्यालय में बैठे रहते, लेकिन पढ़ाई नहीं हो पाती।
इसी बीच 3 अगस्त को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से पत्रांक-1439 जारी कर पहले के आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। नए आदेश में बताया गया कि विद्यालय की जमीन पर टाइटल सूट का मामला लंबित है। जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा), उप प्रबंधक तकनीकी बीएसईआईडीसी तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी लक्ष्मीपुर की समिति गठित की गई है। जांच पूरी होने और भवन निर्माण कार्य समाप्त होने तक विद्यालय का संचालन फिर से बसमता के मध्य विद्यालय भवन में करने का निर्देश दिया गया।
लगातार बदलते आदेशों ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। छात्रों का कहना है कि कभी बसमता जाने को कहा जाता है तो कभी आनंदपुर बुला लिया जाता है। परीक्षा में अब लगभग छह महीने का समय बचा है, लेकिन पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। बच्चों ने आरोप लगाया कि अधिकारी जांच के नाम पर बसमता तक ही जाते हैं, जबकि आनंदपुर विद्यालय की वास्तविक स्थिति देखने कोई नहीं पहुंचता।
इस पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। 27 जुलाई के आदेश में विभाग ने स्वयं भवन निर्माण 80 प्रतिशत पूरा होने और विद्यालय संचालन योग्य होने की बात कही थी। लेकिन महज एक सप्ताह बाद जमीन विवाद का हवाला देकर उसी आदेश को स्थगित कर दिया गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि जमीन विवाद पहले से था तो बिना पूरी जांच के विद्यालय संचालन का आदेश क्यों जारी किया गया।
दूसरे आदेश के अनुसार आनंदपुर निवासी बबीता सिन्हा ने दावा किया है कि संबंधित खाता और खेसरा संख्या की जमीन उनकी निजी संपत्ति है तथा उस पर टाइटल सूट लंबित है। इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई है। फिलहाल इस प्रशासनिक उलझन का सबसे बड़ा खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। समाहरणालय पहुंचे बच्चों ने जिलाधिकारी से मांग की कि जल्द स्पष्ट निर्णय लेकर नियमित पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाए। #jamuinews #jamuitopnews #education
Jamui, Jamui | Aug 7, 2026