
सरकारी स्कूल से पढ़ीं, बिना कोचिंग बनीं IPS | राजस्थान की 'लेडी सिंघम' DIG प्रीति चंद्रा की कहानी फिल्म से कम नहीं`
भरतपुर_ सरकारी स्कूल में पढ़ी, बिना कोचिंग यूपीएससी पास की और आज राजस्थान पुलिस की 'लेडी सिंघम' के नाम से मशहूर हैं। ये कहानी है राजस्थान की डीआईजी प्रीति चंद्रा की।
सीकर जिले के एक छोटे से गांव में जन्मी प्रीति ने अपनी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल से ही प्राप्त की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। पत्रकारिता और शिक्षण जैसे क्षेत्र में भी हुनर दिखाने के बाद उन्होंने सिविल सेवा का सपना देखा।
बिना कोचिंग पास किया यूपीएससी
प्रीति चंद्रा ने बिना किसी महंगे कोचिंग के, खुद की मेहनत और लगन से यूपीएससी परीक्षा पास की। उनका मानना है कि `अगर इरादा पक्का हो तो सरकारी स्कूल और गांव की बेटी भी IPS बन सकती है।
ट्रेनिंग के बाद वह राजस्थान पुलिस सेवा में आईं और अपनी कड़ी मेहनत, ईमानदारी और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के कारण उन्हें 'लेडी सिंघम' का नाम मिला।
काम और सम्मान
अपने कार्यकाल में प्रीति चंद्रा ने कई बड़े मामलों का खुलासा किया और महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ अभियान चलाए। जनता से सीधा संवाद और फील्ड में सक्रियता उनकी पहचान बन गई।
उनके सराहनीय कार्यों के लिए हाल ही में उन्हें राजस्थान सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री सराहनीय पदक' से सम्मानित किया गया। यह पदक उन्हें कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया गया।
युवाओं के लिए प्रेरणा
आज डीआईजी प्रीति चंद्रा हजारों लड़कियों के लिए रोल मॉडल हैं। वह अक्सर कहती हैं कि `सरकारी स्कूल में पढ़ना कमजोरी नहीं है। मेहनत से हर मंजिल पाई जा सकती है।`
गांव की बेटी से डीआईजी तक का सफर वाकई फिल्मी है। उनकी कहानी साबित करती है कि संसाधन नहीं, हौसला सबसे बड़ा होता है।