
दौलतपुरा स्कूल में गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता का संदेश
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दौलतपुरा में शुक्रवार को गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मोनिका शर्मा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान से हुई। सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने कक्षा-कक्षों सहित पूरे विद्यालय परिसर की साफ-सफाई की।
शारीरिक शिक्षक सत्यनारायण टेलर के निर्देशन में पानी की टंकियों की सफाई करवाई गई, जबकि वरिष्ठ व्याख्याता अनिल घूसर के नेतृत्व में पेड़-पौधों एवं गमलों की सफाई की गई। अभियान में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वच्छता अभियान में कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने टीम लीडर भगवती टेलर के नेतृत्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं साफ-सफाई एवं सजावट में कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने टीम लीडर इंदिरा धूपिया के नेतृत्व में द्वितीय स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर कक्षा 7 एवं 8 के विद्यार्थियों के लिए गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन पर चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा 7 की निशा बैरवा एवं कृष्णा कुमावत ने टीम लीडर शिक्षिका चंद्रकला झाला के नेतृत्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 8 की आरुषि कुमावत ने द्वितीय स्थान हासिल किया। टीम लीडर चंद्रकांत शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टर तैयार किए।
कार्यक्रम में किरण, खुशी जाट, रानू जाट, प्रियंका रेगर, विष्णु गुर्जर, खुशी बैरवा, अंजलि, आरुषि एवं नेहा ने गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन पर भाषण एवं कविताओं के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। व्याख्याता दीपू सुथार ने दोनों महापुरुषों के जीवन एवं महानता पर प्रकाश डाला।
मनीषा कंवर, ज्योति जैन एवं अर्चना दाधीच ने ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए, पीर पराई जाणे रे’ प्रार्थना प्रस्तुत की। व्याख्याता भेरूलाल गाडरी ने कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन से हमें सबसे पहले अनुशासन की सीख लेनी चाहिए। वरिष्ठ अध्यापक विजय व्यास ने विद्यार्थियों को विमान दुर्घटना से 180 लोगों की जान बचाने वाली पायलट स्मिथ के साहस से भी अवगत कराया।
शिक्षिका सुनीता व्यास, रेखा सिंघवी एवं इंदु कुमावत ने ‘दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल’ गीत प्रस्तुत किया। वरिष्ठ अध्यापिका इंदिरा धूपिया ने गांधीजी पर अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत करते हुए कहा—
“ऐनक आंखों पर, हाथों में लाठी,
एक संभाली थी,
सारे जग में एक लंगोटी,
केवल खादी वाली थी।”
कार्यक्रम का सफल संचालन रितेश टेपन ने किया। अंत में प्रधानाचार्य मोनिका शर्मा ने प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।