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पंचायत विकास दिवस पर "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" थीम के साथ जिला स्तरीय समारोह का आयोजन माननीया प्रभारी मंत्री ने किया उद्घाटन, ग्राम पंचायतों को महिला सशक्तिकरण एवं समग्र ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बनाने का किया आह्वान The silence media news मंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार-सह-प्रभारी मंत्री, औरंगाबाद रमा निषाद द्वारा पंचायत विकास दिवस के अवसर पर मदनपुर प्रखंड अंतर्गत बनिया पंचायत स्थित राणा रामेश्वर +2 उच्च विद्यालय, बनिया घटराइन के मैदान में आयोजित जिला स्तरीय पंचायत विकास दिवस समारोह का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया गया। गौरतलब है कि पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में "पंचायत विकास दिवस" का आयोजन किया जाना है। जून माह की थीम "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" निर्धारित की गई, जिसके माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, समान अवसर, नेतृत्व क्षमता तथा सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण में ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से हुआ। तत्पश्चात माननीया प्रभारी मंत्री, जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा माननीया प्रभारी मंत्री को बुके एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। वहीं वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी द्वारा जिला पदाधिकारी एवं स्थानीय मुखिया को भी बुके एवं शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया। वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम में "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, वित्तीय समावेशन, लैंगिक समानता, सरकारी योजनाओं की पहुँच तथा पंचायत स्तर पर महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही पंचायतों द्वारा महिलाओं के हित में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना एवं नवाचारों पर भी चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अपने संबोधन में उपस्थित सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम सभी बनिया ग्राम पंचायत में "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" विषय पर एकत्रित हुए हैं। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों को सशक्त, समावेशी एवं आत्मनिर्भर बनाने का एक जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस आयोजित करने का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के विकास में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता सुनिश्चित करना तथा वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आज की थीम "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" अत्यंत प्रासंगिक है। किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब उसकी महिलाएँ सुरक्षित, सम्मानित, शिक्षित एवं आत्मनिर्भर हों। इसलिए ग्राम पंचायतों का विकास तभी पूर्ण माना जाएगा, जब प्रत्येक महिला को समान अवसर, सम्मान तथा निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि महिला हितैषी ग्राम पंचायत का अर्थ केवल महिलाओं के लिए योजनाओं का संचालन करना नहीं है, बल्कि ऐसा सामाजिक एवं प्रशासनिक वातावरण तैयार करना है, जहाँ प्रत्येक बेटी की शिक्षा सुनिश्चित हो, महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता की समुचित सुविधाएँ उपलब्ध हों, पंचायत की बैठकों एवं ग्राम सभाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी हो, जीविका समूहों के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए तथा महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा एवं भेदभाव के प्रति शून्य सहनशीलता की भावना विकसित हो। साथ ही यह भी आवश्यक है कि सभी पात्र महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुँचे। उन्होंने कहा कि आज जीविका दीदियाँ केवल स्वयं सहायता समूहों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण, स्वच्छता, आजीविका एवं सामाजिक जागरूकता की सशक्त वाहक बन चुकी हैं। उन्होंने सभी जीविका दीदियों एवं महिलाओं से ग्राम पंचायत के विकास में निरंतर सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि पंचायत के कार्यों की समीक्षा करना, योजनाओं की जानकारी साझा करना, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना तथा आगामी विकास कार्यों की सामूहिक रूपरेखा तैयार करना भी है। प्रत्येक नागरिक का सुझाव पंचायत के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा तथा आजीविका सहित सभी क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों एवं पंचायत कर्मियों से भी अपेक्षा व्यक्त की कि वे पंचायत विकास दिवस को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानकर जनभागीदारी का प्रभावी मंच बनाएँ, जहाँ प्रत्येक नागरिक अपनी बात रख सके और उसके सुझावों एवं समस्याओं का यथासंभव समाधान सुनिश्चित किया जा सके। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि एक विकसित पंचायत की शुरुआत जागरूक नागरिकों से होती है। यदि ग्राम सभा मजबूत होगी, महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तथा समाज का प्रत्येक वर्ग विकास प्रक्रिया में सहभागी बनेगा, तो औरंगाबाद जिला निश्चित रूप से विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपनी ग्राम पंचायत को स्वच्छ, शिक्षित, सुरक्षित, महिला हितैषी एवं आत्मनिर्भर पंचायत बनाने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। माननीया प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने अपने संबोधन में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए गौरव का विषय है। पंचायत विकास दिवस सरकार की उन सभी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण विकास एवं जनकल्याण है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का अवसर है। बिहार सरकार द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाने का निर्णय पंचायतों को विकास का वास्तविक केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इस माह की थीम "महिला हितैषी ग्राम पंचायत" अत्यंत सार्थक एवं समयानुकूल है। किसी भी पंचायत की समृद्धि तभी संभव है, जब उसकी महिलाएँ सुरक्षित, शिक्षित, आर्थिक रूप से सशक्त हों तथा विकास की प्रत्येक प्रक्रिया में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने हेतु अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। आज पंचायती राज संस्थाएँ ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कराया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को अधिकांश सरकारी सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें और उन्हें अनावश्यक रूप से प्रखंड अथवा जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामीण विवाह मंडप योजना की जानकारी देते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर आधुनिक एवं सुलभ विवाह मंडपों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचायतों में सोलर आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने से ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पंद्रहवें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, सामुदायिक परिसंपत्तियों एवं अन्य जनोपयोगी विकास कार्यों में किया जा रहा है तथा सरकार का प्रयास है कि इन संसाधनों का पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पंचायतों में मोक्षधाम विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही पंचायत स्तर पर आधार कार्ड निर्माण एवं अद्यतन तथा RTPS केंद्रों के माध्यम से जाति, आय, निवास सहित विभिन्न प्रमाण-पत्रों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना का विकास नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण भी है। इसी सोच के तहत पंचायतों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण युवाओं को खेल एवं शारीरिक विकास के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि जब हम महिला हितैषी ग्राम पंचायत की बात करते हैं, तब हमारा दायित्व और भी बढ़ जाता है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि महिलाओं की भागीदारी केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्राम सभा, विकास योजनाओं एवं प्रत्येक निर्णय प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भूमिका हो। जीविका समूहों को और अधिक सशक्त बनाया जाए तथा बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को अपने कार्यों का आधार बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि विकास तभी सफल होगा, जब प्रत्येक नागरिक स्वयं को पंचायत विकास का सहभागी माने। अंत में उन्होंने सभी से अपनी पंचायतों को महिला हितैषी, स्वस्थ, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट पंचायतों के विकास कार्यों से संबंधित वीडियो का प्रदर्शन किया गया तथा माननीय प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित ग्रामीणों एवं अधिकारियों ने गंभीरतापूर्वक सुना। इसके अतिरिक्त मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा "विकसित भारत–समृद्ध बिहार" अभियान के अंतर्गत नशामुक्त बिहार, शराबबंदी, महिलाओं के सम्मान एवं परिवार के कल्याण पर आधारित नुक्कड़ नाटक का मंचन कर आमजन को शराबबंदी के पूर्व एवं पश्चात की स्थिति से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी, निदेशक डीआरडीए अनुपम कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), प्रखंड विकास पदाधिकारी मदनपुर, अंचल अधिकारी मदनपुर, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मदनपुर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ, आशा कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। #thesilencemedianews #aurangabad #औरंगाबाद #abhilashasharmaias #मदनपुर

Obra, Aurangabad | Jun 29, 2026